
कांगड़ा। इंडियन एक्स सर्विस मैन लीग के प्रदेशस्तरीय सम्मलेन को संबोधित करते हुए लीग अध्यक्ष मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने कहा कि फौजी की एक ही जमात है। वन रैंक वन पेंशन 37 साल से नहीं मिली है। वीरभद्र सिंह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने इस समस्या को प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के समक्ष रखा। मनकोटिया ने साफ कहा कि यह योजना अभी लागू नहीं हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मसले को केंद्र सरकार के समक्ष रखने के साथ-साथ इसे फरवरी के अंत यानी लोस चुनाव से पहले लागू करवाने की जोरदार वकालत की। कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या है। हालात यहां तक पहुंच चुके हैं कि 700 पटवारियों की नियुक्ति के लिए एक लाख से ज्यादा आवेदक आए और इस पद के लिए बारहवीं की न्यूनतम योग्यता के बावजूद पीएचडी जैसे आवेदक भी पहुंचे। हिमाचल के लोग पुश्त दर पुश्त फौज में भर्ती होते आए हैं। लेकिन, बांग्लादेश की लड़ाई के बाद एक अधिसूचना जारी कर दी कि जनसंख्या के आधार पर राज्यों का भर्ती कोटा निर्धारित होगा। इससे हिमाचल, उत्तराखंड जैसे छोटी जनसंख्या वाले पहाड़ी राज्य पिछड़ गए। इस समय फौज में 12 हजार अफसरों की कमी चल रही है। सीएम से मांग की गई कि हिमाचल में प्रदेश स्तरीय आर्म्ड फोर्स ट्रेनिंग एकेडमी खोली जाए। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में ईको टॉस्क फोर्स और एनसीसी को बंद न करने की भी जोरदार मांग उठाई। जनरल केएस जम्वाल ने कहा कि इंडियन आर्मी का दर्जा पूरे विश्व में ऊंचा है। फिर भी न जाने फौज को क्यों दबा कर रखा जाता है। कर्नल वाईएस राणा ने एचपीसीए स्टेडियम के साथ साथ अन्य स्थलों के नाम परमवीर चक्र विजेता के नाम पर रखने की मांग उठाई। लीग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष उपेंद्र सिंह चौहान के साथ ब्रिगेडियर टीएस ठाकुर ने भी संबोधित किया।
