
शिमला। हाईकोर्ट के आदेशों के बाद विजिलेंस चिटों पर भर्ती मामले की जांच में जुट गई है। हालांकि, कोर्ट ने एजेंसी को 4 हफ्ते का समय दिया है। कांग्रेस सरकार में 1992 से 1996 के बीच के इस केस में कई आरोपियों के निधन और सेवानिवृत्त के कारण विजिलेंस को 12 विभागों की जांच बंद करनी पड़ी। विजिलेंस के अनुसार किसी भी अधिकारी या कर्मचारी पर सेवानिवृत्त होने के चार साल तक ही विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। इसके बाद कार्रवाई का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में विजिलेंस 12 विभागों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकती। विजिलेंस सूत्रों के अनुसार इन विभागों में नियमों के विरुद्ध भर्तियां करने संबंधी खामियां सामने आई हैं। बुधवार को भी विजिलेंस ब्यूरो में डीआईजी एपी सिंह ने संबंधित अधिकारियों की अपने ऑफिस में बैठक ली। जांच अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए कि वे जल्द से जल्द जांच को पूरा करें।
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इनके खिलाफ मांगी अभियोजन मंजूरी
मामले में विजिलेंस ब्यूरो नेे महिला विकास निगम, हैंडी क्राफ्ट एंड हैंडलूम कार्पोरेशन, प्रदेश एग्रो इंडस्ट्रीज कार्पोरेशन, उपायुक्त मंडी, एग्रो इंडस्ट्री पैकेजिंग इंडिया लिमिटेड और नौणी विवि में हुई भर्ती मामले में अनियमितताओं को लेकर कोर्ट में चालान पेश करने को सरकार से अभियोजन की मंजूरी मांगी है। यदि सरकार इन मामलों में अभियोजन की मंजूरी दे देती है तो इन विभागों व निगमों से जुडे़ आला अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो सकती है। जांच टीम ने विभागों के इन मामलों की फाइलों को कानूनी पक्ष जांचने के लिए भेजा गया है। विजिलेंस के अधिकारियों के अनुसार एक सप्ताह के भीतर चिट भर्ती में चालान पेश किया जाएगा।
