
सिहुंता (चंबा)। पंजला-कियोड़ मार्ग पर हुई वैन दुर्घटना ने एक बार फिर से स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। मंगलवार को ढाई बजे के करीब हुए हादसे के बाद जब घायलों को उपचार के लिए समोट पीएचसी लाया गया तो वहां पर चिकित्सक नहीं था। छुट्टी होने के कारण चिकित्सक कहीं बाहर था। ऐसे में सिहुंता से चिकित्सकों को बुलाकर घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया। करीब एक घंटे तक इलाज नहीं मिल पाने के कारण घायल अस्पताल के बाहर ही तड़पते रहे। इस बीच एक व्यक्ति ने अस्पताल में ही इलाज के दौरान दम तोड़ गया।
ग्राम पंचायत समोट के उपप्रधान विजय सिंह ने बताया कि पीएचसी समोट में घायलों को पहुंचाया गया तो वहां ताला जड़ा हुआ था। इमरजेंसी के लिए यहां पर एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तक मौजूद नहीं था। ऐसे में घायलों को समय पर प्राथमिक उपचार नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि बाद में सिहुंता से चिकित्सकों को बुलाया गया, तब तक एक घंटा घायल बिना इलाज के ही पड़े रहे। डाक्टर पहुंचे तो उपचार शुरू हो पाया। स्थानीय निवासियों शकुंतला देवी, विनय कुमार, ओंकार सिंह, चमन, जिप सदस्य तिलक राज ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि पीएचसी में अवकाश के दिन भी स्वास्थ्य कर्मी की ड्यूटी लगाई जाए। उधर, आजाद संघर्ष मंच के प्रधान भूपेंद्र सिंह चौहान ने इस हादसे के दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। इसके अलावा मृतकों व घायलों को राहत प्रदान करने की अपील की है। प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार सिहुंता जगदीश लाल मौके पर पहुंचे। उन्हाेंने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच हजार रुपये फौरी राहत दी। इसके अलावा घायलों को भी पांच-पांच हजार रुपये दिए गए। एसडीएम अमित मैहरा ने बताया कि मृतकों के परिजनों व घायलों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
