डीसी आफिस पर विस्थापितों का ‘धावा’

बिलासपुर। कीरतपुर से नेरचौक तक प्रस्तावित फोरलेन एक्सप्रेस हाईवे निर्माण के लिए अपनी जमीन गंवाने वाले प्रभावित एवं विस्थापित ग्रामीणों के तेवर तल्ख हो गए हैं। शुक्रवार को फोरलेन एक्सप्रेस हाईवे विस्थापित समिति के बैनर तले ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय में हल्ला बोल दिया। जमीन की एवज में मिलने वाले मुआवजे में भेदभाव अपनाने का आरोप लगाते हुए समिति ने पूरे बिलासपुर शहर में रैली निकाली। इसके बाद उपायुक्त कार्यालय के बाहर करीब दो घंटे तक धरना दिया गया। इसमें भाजपा नेता राजेंद्र गर्ग समेत कई कार्यकर्ता भी शामिल हुए। खास यह रहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस के लगभग एक दर्जन जवान साथ रहे। हालांकि आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह आंदोलन एक तरह से संगीनों के साए में हुआ। लगभग 200 ग्रामीणों की रैली निकली तो कदम-कदम पर पुलिस के जवान भी साथ रहे। गरामोड़ा, बलोह, कांगू, औहर, ऋषिकेश, राहियां, भगेड़, बेहनाजट्टा, सनोर आदि गांवों के ग्रामीण इस आंदोलन में शामिल हुए। लक्ष्मी नारायण मंदिर से विस्थापितों ने अपनी रैली शुरू की। जय जवान जय किसान, हेराफेरी नहीं चलेगी जैसे नारे लगाते हुए ग्रामीण चंपापार्क से मेनमार्किट होते हुए उपायुक्त कार्यालय तक पहुंचे। जहां प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन भेजा गया। भाजपा ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया है। भाजपा के कई पदाधिकारी भी आंदोलन में शामिल हुए। समिति के अध्यक्ष राम सिंह और महासचिव मदन लाल शर्मा ने कहा कि फोरलेन का निर्माण कार्य कर रही कंपनी मनमानी पर उतारू है। मुआवजा देने के मामले में लोगों से भेदभाव किया जा रहा है। भूमि अधिग्रहण की आड़ में खेल-खलियानों पर बुल्डोजर चल रहे हैं। इससे ऐसी जमीन को भी नुकसान पहुंच रहा है, जिसका अधिग्रहण नहीं हुआ है। इससे विस्थापित हुए परिवारों के पुनर्वास के लिए ठोस प्रबंध नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन का दूसरा चरण है। अभी भी प्रशासन नहीं जागा, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। आंदोलन में मुख्य सलाहकार जगत राम शर्मा, उप प्रधान प्यारे लाल, वित्त सचिव बाल राम शर्मा, सदा राम शर्मा, अजमेर ठाकुर, इंद्रा देवी, नयनादेवी से विस्थापित समिति के प्रधान रमेश ठाकुर, भाजपा नेता राजेंद्र गर्ग, भाजपा महामंत्री भीम सिंह चंदेल समेत कई लोग उपस्थित थे।

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