
पपरोला (कांगड़ा)। पपरोला कस्बे को नगर पंचायत बनाने के सरकार के प्रस्ताव का लोगों ने जोरदार विरोध किया है। रविवार को ग्राम सभा की बैठक में ज्यादातर लोगों ने कहा कि पपरोला में पंचायत ही रहनी चाहिए, क्योंकि इसका ज्यादातर हिस्सा ग्रामीण क्षेत्र है। हालांकि, पपरोला पंचायत ने प्रस्ताव रखा है कि बुहली कोठी, खतरेहड़, घरथेड़ा और झीरखड़ को अलग पंचायत बनाकर केवल कस्बे को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाए। इसके अलावा ग्राम सभा में उपस्थित महिलाओं ने नए बनाए जा रहे राशन कार्डों में महिला को परिवार का मुखिया बनाने का पुरजोर विरोध किया। महिलाओं का कहना है कि परिवार का मुखिया पुरुष को ही बनाया जाए। इसके अलावा महिलाओं ने एक जनवरी से गैस सिलेंडर की कीमत में 250 रुपये बढ़ोतरी का विरोध किया। पंचायत ने इसके खिलाफ प्रशासन को प्रस्ताव देने की बात कही। ग्राम सभा में पंचायत के तहत 5 वन अधिकार कमेटियां बनाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। ये कमेटियां लोगों को टीडी की लकड़ी देेने और वनों की रक्षा का दायित्व संभालेंगी। सेवानिवृत्त अध्यापक रविंद्र दीक्षित ने वार्ड-3 और 4 में बंदरों और लावारिस मवेशियों के बढ़ते आतंक की समस्या उठाई। इस मौके पर पंचायत प्रधान मुकेश शर्मा, उपप्रधान तिलक राज सहित सभी वार्ड सदस्य और काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
वार्डों में जाकर जागरूक करेंगे स्वच्छता दूत
पंचायत प्रधान मुकेश शर्मा ने बताया कि जल्द ही ब्लॉक और पंचायत स्तर पर स्वच्छता दूत नियुक्त किए जाएंगे, जो हर वार्ड में जाकर लोगों को कूड़ा-कर्कट इधर-उधर न फेंकने का आग्रह करेंगे। इसके अलावा शौचालय रहित घरों का सर्वे करेंगे। जिन घरों में शौचालय नहीं होंगे, उनमें एक माह के भीतर शौचालय निर्माण शुरू किया जाएगा। हर वार्ड में कूड़ा एकत्र करने के लिए पिट लगाए जाएंगे।
कथोली पंचायत में ग्रामीणों ने बताई समस्याएं
नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)। कथोली पंचायत में रविवार को ग्राम सभा का कोरम पूरा होने के बाद पंचायत की समस्याओं को ग्रामीणों ने उठाया। ग्राम सभा में कृषि विशेषज्ञ डॉ. स्वर्ण सिंह ने आधुनिक और उत्तम खेती के बारे में जानकारी दी। उन्होेंने कृषि विभाग की योजनाओं के बारे में भी बताया। पंचायत प्रधान राज शहरिया ने ग्रामीणों को खाद्य सुरक्षा बिल की जानकारी दी।
सरकार ने पुरुषों में क्या खामी देखी : संजय
कांगड़ा। पूर्व विधायक एवं प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी सदस्य संजय चौधरी ने कहा कि सरकार की ओर से महिलाओं के नाम पर राशन कार्ड बनाने की मुहिम फेल साबित हुई है। इस प्रक्रिया का महिलाएं ही विरोध जता रही हैं। बावजूद इसके सरकार इस मामले को हलके से ले रही है। सरकार पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार पहले यह स्पष्ट करे कि पुरुषों के मुखिया होने पर सरकार ने क्या खामियां देख लीं और ऐसी क्या नौबत आ गई कि घर का मुखिया महिला को बनाने की मुहिम छेड़ दी गई।
सरकार के खिलाफ महिलाओं का प्रदर्शन
राशन कार्ड में महिला को मुखिया बनाने का विरोध
अनसोली, हलेड़कलां में एकजुट हुई नारी शक्ति
सरकार को दी चेतावनी, नहीं बनवाएंगी राशन कार्ड
कांगड़ा। महिला के नाम पर राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया को लेकर अनसोली गांव की सैकड़ों महिलाओं ने जमकर प्रदर्शन किया। पंचायत में रविवार को गांव की महिलाओं समेत महिला मंडलों ने इसका विरोध किया। सरकार को चेतावनी देते हुए महिलाओं ने कहा कि उनके रोष को हलके से लिया गया तो कोई भी राशन कार्ड नहीं लेगा। चाहे इसके लिए उन्हें अनाज मिले या न मिले। उनकी मांग को अनसुना किया गया तो वे कांगड़ा ब्लॉक का घेराव करने से भी नहीं हिचकिचाएंगी। इस संदर्भ में अनसोली की पूरी पंचायत ने भी विरोध जताया है। महिलाओं ने कहा कि राशन कार्ड पर मुखिया पुरुष ही होना चाहिए। महिला मंडल प्रधान रंजनी देवी, अंजी महिला मंडल प्रधान प्रोमिला देवी, लोअर अनसोली गांव की प्रधान वीना शर्मा, प्रधान सुरजीत कौर ने कहा कि सरकार का यह फैसला गलत है। सुरजीत कौर ने कहा कि अगर उनकी मांग को नजरअंदाज किया गया तो वे राशन कार्ड को रद्द करवा देंगे। इस फैसले के विरोध में इकट्ठी हुईं महिलाएं सविता धीमान, बिंदू देवी, कला देवी, अरुणा कुमारी, वीना देवी, सरिता कुमारी, प्रकाशो देवी, उषा देवी, चंद्ररेखा, अचला धीमान, कमला देवी, निर्मला देवी, पूजा धीमान, सुदर्शना देवी, श्रेष्ठा देवी, सुमना देवी, सरोज कुमारी, अंबिका, रीता देवी, फूलां देवी, लीला देवी, सरला देवी, मोनिका देवी, सुषमा धीमान, सुकन्या देवी ने आवाज बुलंद की है। उधर, हलेड़कलां पंचायत में भी ग्राम सभा के दौरान महिलाओं का गुस्सा फूटा। महिलाओं में इतना आक्रोश था कि वे पंचायत के भीतर आकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने लगीं। स्वयं सहायता समूह की प्रधान रुकमणी देवी, सपना देवी, कमलेश कुमारी, महिला मंडल प्रधान वीना देवी, बज्रेश्वरी महिला मंडल प्रधान राज कुमारी सहित आशा देवी, इंद्रा देवी, अनीता देवी, नीना, सरोज, रुकमणि, उषा देवी, लीला, इंदु, सत्या, बवली, जमुना देवी, कौशल्या, पवना, कुशला, राज कुमारी, मोनिका, लता, पुष्पा, सुनीता, वनीता, गीता देवी, रजनी, पुष्पा देवी, अरुणा देवी, रेखा देवी, सपना और सुषमा सहित अन्य महिलाओं ने इस प्रक्रिया का विरोध जताया है।
सुलह में महिला को मुखिया बनाने का विरोध
महिलाओं ने धरना देकर सरकार को भेजा ज्ञापन
सुलह (कांगड़ा)। राशन कार्डों में महिला को मुखिया बनाने पर अब सुलह में भी महिलाएं भड़क गईं है। इस मसले को लेकर पांच महिला मंडलों की महिलाओं ने रविवार को ककड़ैं पंचायत घर के बाहर नारेबाजी कर धरना दिया और पंचायत के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा। उन्होंने कहा कि घर का मुखिया बड़ा पुरुष या पति ही होता है। भले ही महिला आज हर क्षेत्र में पुरुष की बराबरी कर रही है। लेकिन, पहले पति का ही नाम लिया जाता है। राशनकार्ड में पति या घर का बड़ा ही मुखिया होना चाहिए। ककड़ैं पंचायत के लक्ष्मी महिला मंडल की प्रधान सुषमा देवी, समृद्धि महिला मंडल की प्रधान मलका देवी, आदर्श महिला मंडल की प्रधान अनु कुमारी, निचली पंतेहड़ महिला मंडल की प्रधान गीता देवी और सत्यम शिवम सुंदरम महिला मंडल की प्रधान सरिता देवी समेत करीब 100 महिलाओं ने पंचायत भवन के बाहर धरना देकर महिला को राशन कार्ड में मुखिया बनाने के फैसले का कड़ा विरोध किया। उधर, ककड़ैं पंचायत के प्रधान काबुल सिंह और उपप्रधान प्रवीण कुमार ने कहा कि महिलाओं का यह ज्ञापन बीडीओ के माध्यम से सरकार को भेज दिया जाएगा।
महिला को प्रमुख बनाने का विरोध
सरकारी निर्णय पर पंचायतों में उठे सवाल
नगरोटा बगवां (कांगड़ा)। खाद्य आपूर्ति मंत्री जीएस बाली की गृह पंचायत और गृह क्षेत्र में ही महिलाओं ने आधार युक्त राशन कार्डों में महिला को प्रमुख बनाए जाने का विरोध जता दिया है। खंड विकास कार्यालय नगरोटा बगवां की कई पंचायतों में इस व्यवस्था का कड़ा विरोध किया गया है। आज संपन्न हुई ग्राम सभा की बैठकों में जीएस बाली के क्षेत्र की ग्राम पंचायत ठारू, सरोत्री, चाहड़ी मुहालकड़ तथा भुनेहढ़ में महिलाओं ने इस सरकारी फरमान का कड़ा विरोध करते हुए प्रदेश सरकार से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
ग्राम पंचायत ठारू की लगभग 150 महिलाओं ने ग्राम सभा की बैठक में लिखित और संयुक्त रूप से हस्ताक्षर कर विरोध दर्ज करवाया। उन्होंने मांग की है कि महिला की बजाय पूर्व की भांति पुरुष को ही राशन कार्ड में मुखिया का दर्जा प्रदान किया जाए। उन्हाेंने स्पष्ट किया है कि चाहे महिलाओं को पुरुषों के बराबर हक प्रदान है, लेकिन इस फरमान से परिवार में भेदभाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। जब तक प्रदेश सरकार पूर्व स्थिति बहाल नहीं करेगी, उन पर राशन कार्ड बनवाने का दबाव न बनाया जाए। ग्राम पंचायत सरोत्री, चाहड़ी मुहालकड़ तथा भुनेहढ़ में भी महिलाओं ने इस मामले में अपना विरोध प्रकट किया है। भुनेहढ़ पंचायत के प्रधान राजेश चौधरी ने बताया कि ग्राम सभा की बैठक में प्रस्ताव पारित करके महिलाओं की इस मांग को खंड विकास अधिकारी को प्र्रेषित करने का निर्णय लिया गया है। चाहड़ी मुहालकड़ के प्रधान कुलदीप शर्मा तथा सरोत्री पंचायत की प्रधान आशा देवी और उपप्रधान शांति प्रकाश ने बताया कि ग्राम सभा में इस मसले पर महिलाओं द्वारा दर्ज किए गए विरोध को स्वीकार कर लिया गया है, लेकिन ग्राम सभाओं के कोरम पूरे न होने के कारण आगामी बैठक में कोरम पूरा होने पर इस आशय का प्रस्ताव पारित किया जा सकेगा।
