आप बताएं, कितना टैक्स लगाएं

शिमला। नगर निगम शिमला आम आदमी पार्टी की राह पर निकल पड़ा है। दिल्ली में सरकार बनाने के अरविंद केजरीवाल के फंडे को निगम प्रापर्टी टैक्स को तय करने के लिए अपनाने जा रहा है। निगम ने टैक्स की दरें तय करने का जिम्मा आम जनता पर छोड़ दिया है। शुक्रवार को टैक्स को लेकर बुलाए गए विशेष सदन में टैक्स की दरों पर पार्षदों की ओर से आपत्ति जताने पर महापौर संजय चौहान ने जन सुनवाई के माध्यम से दरें तय करने का फैसला लिया है।
16 और 17 जनवरी को उपायुक्त आफिस के परिसर स्थित बचत भवन में जन सुनवाई रखी गई है। इस दौरान शहरवासी प्रशासन की ओर से तय किए जोन और फैक्टरों में संशोधन करने को लेकर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करवा सकेंगे। इसके अलावा शहर की जनता शनिवार से ही महापौर, उपमहापौर, पार्षदों, आयुक्त और सहायक आयुक्त के समक्ष भी लिखित में अपने सुझाव दे सकते हैं। इन सुझावों और आपत्तियों पर मंथन करने के बाद 22 जनवरी को दोबारा से नगर निगम का विशेष सदन होगा। इस बैठक में प्रापर्टी टैक्स की दरें तय की जाएगी।
शुक्रवार को विशेष सदन में टैक्स वसूलने के लिए सर्वे करने वाली कंपनी परूडा के प्रतिनिधि अजय अग्रवाल ने प्रस्तुति दी। उन्होंने विभिन्न जोन और फैक्टरों का खुलासा किया। पार्षदों की मांग पर क्षेत्रवार नई पद्धति के मुताबिक टैक्स की गणना भी की। इस दौरान सदन में खूब हंगामा भी हुआ। अंत में महापौर संजय चौहान ने जन सुनवाई के बाद फैसला लेने की बात कही।

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