
पधर (मंडी)। निकायों में स्थापित कंप्यूटर सुविधा नेट कनेक्शन के अभाव में हांफती नजर आ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में थ्री जी सेवा के शुरू न होने से भी इसका असर सेवाओं पर पड़ रहा है। पंचायतों में बीएसएनएल की ब्राडबैंड इंटरनेट सेवा उपलब्ध न होने से भी इसका असर सेवाओं पर पड़ा है।
राज्य सरकार ने प्रदेश की सभी पंचायतों को कंप्यूटर सिस्टमों के साथ जोड़ दिया है। पंचायतों का तमाम रिकार्ड सिस्टमों में फीड करने के बाद सेवाओं को आनलाइन करने का प्रावधान इंटरनेट सुविधा के अभाव में अधूरा चल रहा है। सरकार द्वारा पंचायतों में आनलाइन सेवाओं को और भी हाइटेक करने की बात कही जा रही है लेकिन इंटरनेट सेवाओं का मूलभूत ढांचा उपलब्ध न होने के कारण अभी तक पंचायतों की तमाम सेवाएं आनलाइन नहीं हो सकी हैं।
पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास विभाग ने प्रिया साफ्टवेयर के माध्यम से मनरेगा सहित पंचायतों के कई हेड आनलाइन कर दिए हैं। इनमें इंटरनेट सेवाओं के अभाव में समय पर डाटा फीड नहीं हो रहा है। मनरेगा कार्यक्रम भी इस सुविधा के अभाव में कई पंचायतों में कछुआ चाल से चला हुआ है। बीएसएनएल की ब्राडबैंड सेवाओं के अभाव में कई पंचायतों ने मोबाइल कंपनियों की डॉगंल सेवाएं ले रखी हैं। कंपनियों की ग्रामीण क्षेत्रों में थ्री जी सेवा उपलब्ध न होने के कारण डांगल सेवा भी पंचायतों के कार्यों को आनलाइन करने में कारगर सिद्ध नहीं हो सकी है। विकास खंड अधिकारी सुभाष गौतम का कहना है कि सभी पंचायतों को नेट से कुनेक्ट कर दिया है। अधिकांश पंचायतों को डांगल इंटरनेट से कनेक्ट किया है लेकिन कंपनियों की थ्री जी सेवा के अभाव में सही ढंग से काम नहीं चल पा रहा। बीएसएनएल अधिकारियों को पत्र लिखा है।
