दोबारा प्रशिक्षण के फरमान पर पैट तल्ख

नूरपुर (कांगड़ा)। अरसे से नियमितीकरण की आस में बैठे प्रदेश के 3382 प्राथमिक सहायक अध्यापकों (पैट) ने अब हाईकोर्ट के साथ-साथ मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर ली है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष लखमीर धीमान ने कहा कि प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग ने नए सिरे से दो साल का प्रशिक्षण करने की शर्त थोपकर पैट शिक्षकों के भविष्य से खिलवाड़ किया है। उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि पूर्व में पैट शिक्षकों ने जो दो साल का प्रशिक्षण हासिल किया था और उस पर 5 करोड़ रुपये खर्च किए गए तथा प्रदेश के 3382 पैट प्रशिक्षण के दौरान जिस मानसिक परेशानी से गुजरे हैं, उसका जवाबदेह कौन है। धीमान ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि पहले तो प्रदेश भर के प्राथमिक सहायक अध्यापकों के सामने नियमित करने के लिए प्रशिक्षण हासिल करने की शर्त लगा दी गई और जब इन पैट शिक्षकों ने दो साल का प्रशिक्षण हासिल कर लिया तो शिक्षा विभाग ने दोबारा दो साल का प्रशिक्षण हासिल करने का अड़ंगा लगाकर उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इस दौरान प्राथमिक सहायक अध्यापकों ने प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के समक्ष अपना दुखड़ा सुनाया और उन्हें हर बार जल्द नियमितीकरण की नीति बनाने के कोरे आश्वासन मिलते रहे। उन्होंने साफ किया कि पैट शिक्षक हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुके हैं और अब मानवाधिकार आयोग के समक्ष गुहार लगाने की रणनीति बना रहे हैं।

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