
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ न्यायालय में प्रस्तुत होने के ठीक पहले गुरुवार को अस्पताल में भर्ती हो गए। उनको विशेष अदालत में उपस्थित होना था, जहां उन पर राजद्रोह का मुकदमा चल रहा है। डॉन ऑनलाइन के मुताबिक, अदालत में प्रस्तुत होने के लिए जाते समय पूर्व सेना प्रमुख को अचानक हार्ट अटैक आने की वजह से उन्हें रावलपिंडी के आम्र्ड फोर्सेज इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी ले जाया गया।
मुशर्रफ के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. रजा बुखारी ने एक बयान जारी कर कहा, ‘‘हम इस बात की पुष्टि करते है कि पूर्व राष्ट्रपति मुशर्रफ को पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हम अल्लाह से उनके जल्द और पूरी तरह ठीक होने की दुआ करते हैं।’’
अदालत के बाहर मुशर्रफ के वकील अहमद रजा कसूरी ने कहा, ‘‘वह अदालत आना चाहते थे, लेकिन अचानक उनकी तबियत खराब हो गई और इस वजह से उन्हें सैन्य अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। खुदा उन्हें सलामत रखे।’’ जब उनसे पूछा गया कि क्या मुशर्रफ अदालत से भयभीत थे, तो कसूरी ने कहा, ‘‘वह एक कमांडो हैं और एक कमांडो का स्वभाव होता है कि वह डरता नहीं।’’
इससे पहले भी मुशर्रफ रास्ते में बम पाए जाने के बाद अदालत में पेश नहीं हो पाए थे। आज वह चक शहजाद स्थित अपने भव्य फार्महाउस से अदालत के लिए रवाना तो हुए थे, लेकिन बीच रास्ते में ही उनका काफिला अस्पताल की ओर मुड़ गया।
अदालत ने मुशर्रफ को बुधवार को पेश होने का आदेश दिया था और चेतावनी दी थी कि ऐसा न करने पर उनके खिलाफ गिरफ्तारी का आदेश जारी किया जाएगा। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि मुशर्रफ 10 दिनों की अवधि में बुधवार को दूसरी बार तीन सदस्यीय विशेष अदालत की पीठ के समक्ष प्रस्तुत होने में असफल रहे हैं। मामले की सुनवाई एक दिन के लिए टाल दी गई है।
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान की सरकार ने पूर्व सेनाध्यक्ष पर देश के संविधान को निलंबित करने, रद्द करने और देश में अशांति फैलाने के लिए तथा 2007 में राष्ट्र में आपातकाल लागू करने के लिए और सर्वोच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों को हिरासत में लेने के लिए उन पर राजद्रोह का आरोप लगाया है। कानून के विशेषज्ञों का कहना है कि मुशर्रफ को मृत्युदंड या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।
