नहीं मिले भगवान तो दे दी अपनी जान

देहरादून में भगवान श्रीराम के दर्शन न होना एक छात्र को इतना नागवार गुजरा कि उसने आत्महत्या कर ली।

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छात्र के कमरे से मिले सुसाइड नोट में यह जिक्र किया गया है। मूलत: इटावा, यूपी का विजेंद्र यादव (18) पुत्र इंद्र सिंह यादव सीमाद्वार, वसंत विहार में एक सैन्य अफसर की कोठी में चौकीदारी करता था। विजेंद्र का परिवार गांव में ही रहता है।

वह डीएवी कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र था। मंगलवार रात खाना खाने के बाद वह सर्वेंट क्वार्टर में सोने चला गया। बुधवार सुबह काफी देर तक भी विजेंद्र बाहर नहीं आया तो मकान मालिक ने उसे कई आवाजें दीं।

कोई जवाब नहीं मिला तो पुलिस को बुला लिया गया। वसंत विहार पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो भीतर पंखे के कुंडे पर लटका विजेंद्र का शव मिला। तलाशी में एक सुसाइड नोट भी मिला।

इसमें विजेंद्र ने लिखा था, ‘हे रामजी, आपने मुझे दर्शन नहीं दिए। तो क्या हुआ मैं आपके पास आ रहा हूं।’ पूछताछ में पता चला कि विजेंद्र कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। वह अकसर खोया सा रहता था।

बताया गया कि विजेंद्र बहुत धार्मिक प्रवृत्ति का था और भगवान राम के दर्शन की बात कहकर लंबी पूजाएं भी करता था। सूचना पर देर शाम विजेंद्र के परिजन दून पहुंच गए थे। पुलिस ने शव उन्हें सौंप दिया। विजेंद्र का बड़ा भाई भोपाल में सिक्योरिटी गार्ड है।

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