
शिमला। शिमला जिले के करीब नब्बे हजार रसोई गैस उपभोक्ताओं ने अपनी गैस एजेंसियों और संबंधित बैंकों में आधार कार्ड नंबर को लिंक नहीं करवाया है। पहली जनवरी से इन परिवारों को 462 रुपये में गैस सिलेंडर नहीं मिलेगा। इन्हें गैस सिलेंडर लेेने के लिए 1357 रुपये चुकाने होंगे। लापरवाही बरतने वाले इन उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार सब्सिडी की राशि भी नहीं लौटाएगी। इन उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर लेने के लिए करीब 900 रुपये अधिक चुकाने होंगे।
जिला में करीब दो लाख रसोई गैस उपभोक्ता हैं। गैस कंपनियों इंडियन आयॅल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम के मुताबिक जिले में अभी तक एक लाख दस हजार उपभोक्ताओं ने ही अपने आधार कार्ड नंबर गैस एजेंसियों और बैंक में जमा करवाए हैं। यह उपभोक्ता केंद्र सरकार की घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) के लिए प्रस्तावित डीबीटी योजना (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) से जुड़ गए हैं। इनके बैंक खातों में सब्सिडी की राशि आना शुरू हो गई है। लेकिन जिले के करीब नब्बे हजार रसोई गैस उपभोक्ताओं ने अभी तक अपने दस्तावेज गैस एजेंसियों और बैंक में जमा नहीं करवाए हैं। इन उपभोक्ताओं के लिए अब परेशानी खड़ी होने वाली है। लापरवाही बरतने वाले उपभोक्ताओं को जनवरी में 1357 रुपये खर्च कर गैस सिलेंडर लेना होगा जबकि बैंक खातों में उसकी सब्सिडी नहीं आएगी।
इनसेट…
बैंक, गैस एजेंसी में दें आधार नंबर
घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) के लिए प्रस्तावित डीबीटी योजना (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) एक सितंबर से लागू हुई है। गैस सिलेंडर पर सब्सिडी लेने के लिए उपभोक्ताओं को अपनी-अपनी गैस एजेंसियों में आधार कार्ड की फोटो कॉपी जमा करवानी होगी। एक फार्म भरना होगा, जिसमें आधार कार्ड नंबर, गैस कनेक्शन नंबर और मोबाइल फोन नंबर लिखना होगा। गैस एजेंसी के अलावा बैंक में भी एक फोटो कॉपी आधार कार्ड की देनी होगी। बैंक में भी एक फार्म देकर वहां आधार कार्ड नंबर, बैंक अकाउंट नंबर और घर का पता लिखना होगा।
गैस एजेंसियों में जल्द करे संपर्क
इंडियन ऑयल कारपोरेशन के प्रबंधक रजत घरसंगी ने बताया है कि पहली जनवरी से हर उपभोक्ता से गैस सिलेंडर की पूरी कीमत ली जाएगी। उपभोक्ता अपनी-अपनी गैस एजेंसी में जल्द से जल्द संपर्क कर औपचारिकताओं को पूरा कर सब्सिडी खाते में प्राप्त कर सकते हैं।
