
शिमला। दिल्ली की तिहाड़ और हरियाणा की करनाल जेल की तर्ज पर नाहन जेल के कैदी भी जेल के अंदर बेकरी तैयार करेंगे। डिप्टी सुपरिंटेंडेंट जेल विकास भटनागर और उनकी टीम दोनों जेलों का दौरा कर बेकरी प्लांट के बारे में जानकारी ले चुके हैं। जेल प्रबंधन ने मुजफ्फरनगर की एक कंपनी को बेकरी ओवन लगाने का कार्य सौंपा है। यह एक-दो दिन में पूरा हो जाएगा। एक सप्ताह के भीतर बेकरी में बिस्कुट, ब्रेड और बंद आदि बनने शुरू होंगे। इसके बाद मोबाइल वैन से इन्हें बाजार में बेचा जाएगा। इसमें करीब 10 से 12 कैदियों को काम करने का मौका मिलेगा। बड़ी बात यह है कि इसमें महिला कैदियों को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। नाहन जेल में 400 से अधिक सजायाफ्ता और विचाराधीन कैदी हैं। इनमें करीब 150 महिला एवं पुरुष कैदी विभिन्न कार्यों में लगाए गए हैं। जेल में सब्जियां तैयार करने, डेयरी फार्म, सिलाई-बुनाई, केंचुआ खाद तैयार करने सहित कई कार्य किए जा रहे हैं। एआईजी जेल अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि सजा के साथ-साथ कैदियों को रोजगार देने के उद्देश्य से जेलों में विभिन्न कार्य चलाए जा रहे हैं। कमाई का 15 प्रतिशत हिस्सा जेल वेलफेयर फंड में जाता है, जबकि 85 प्रतिशत राशि कैदी को मिलती है।
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शादियों-पाटिर्यों में कर रहे मनोरंजन
जेल विभाग ने प्रदेश में पहली बार कैदियों का अलग से बैंड तैयार किया है। यह बैंड भी नाहन जेल में चल रहा है। 10 कैदियों को प्रशिक्षित कर बैंड को प्रोफेशन बनाया जा रहा है। डिप्टी सुपरिंटेंडेंट नाहन जेल विकास भटनागर ने बताया कि अब बैंड को आधुनिक स्वरूप देकर आरकेस्ट्रा तैयार किया जाएगा। अभी इस बैंड की शादी और पार्टियों में अच्छी बुकिंग चल रही है। उन्होंने बताया कि भविष्य में जेल के भीतर साबुन तैयार करने की भी यूनिट लगाने पर विचार चल रहा है।
