
शिमला। हिमाचल भाजपा ने आगामी लोकसभा चुनाव से पहले एक नया प्रयोग किया है। पार्टी ने सभी शीर्ष नेताओं, पूर्व मंत्रियों और पदाधिकारियों को मतदान केंद्र पालक बनाया है। सभी नेताओं को एक कमजोर और एक मजबूत बूथ दिया गया है। पूर्व मुख्यमंत्रियों प्रेम कुमार धूमल और शांता कुमार ने भी दो-दो बूथ लिए हैं। इन मतदान केंद्रों पर लीड दिलाने के लिए अब इनके पालकों को पसीना बहाना होगा। यह फार्मूला भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के अपना बूथ-सबसे मजबूत नारे के आधार पर अपनाया गया है।
भाजपा के राज्य संगठन महामंत्री पवन राणा सभी संसदीय क्षेत्रों पर एक आडियो-वीडियो फिल्म के माध्यम से समझा रहे हैं कि मतदान केंद्र पालक क्यों लगाए गए हैं और इनका काम क्या है? इसके तहत प्रेम कुमार धूमल ने हमीरपुर में बगारटी और डिडवीं बूथ लिए हैं। शांता कुमार को पालमपुर में आईमा-1 और थला बूथ दिए गए हैं। इस योजना को संसदीय क्षेत्र प्रभारियों के माध्यम से मानीटर किया जा रहा है। इसमें प्रदेश पदाधिकारियों से लेकर मंडल के नेताओं तक में बूथ बांटे गए हैं। राज्य में इस समय करीब 7350 बूथ हैं। भाजपा ने सभी में मतदान केंद्र पालक लगा दिए हैं। संगठन महामंत्री पवन राणा ने एक बूथ अपने मूल निवास स्थान खुंडियां (कांगड़ा) और दूसरा शिमला में लोअर चक्कर में लिया है, जहां वह रहते हैं। उनका कहना है कि इस योजना का असर आने वाले चुनाव में दिखेगा।
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रवि ने दो चुनाव क्षेत्रों पर लिए बूथ
गौर करने वाली बात है कि पूर्व मंत्री एवं देहरा के विधायक रविंद्र रवि ने दो बूथ लिए हैं। एक देहरा में मसरूर लदरेर और दूसरा जयसिंहपुर में भेड़ी। रवि देहरा से पहले थुरल के विधायक थे, जो अब जयसिंहपुर हो गया है। पूर्व मंत्री डा. राजीव बिंदल ने वाल्मीकि बस्ती नाहन बूथ लिया है। महेंद्र सिंह को धर्मपुर का रिछली बूथ दिया गया है। इस प्रकार अन्य पदाधिकारियों और नेताओं को भी बूथ मिले हैं।
