चार दिन रोशनी, फिर अंधेरी रात

तीसा (चंबा)। ‘चार दिन की चांदनी, फिर अंधेरी रात’। इनदिनों यह कहावत चंबा जिले के तीसा क्षेत्र के हालातों पर सटीक बैठती है। बस अंदर इतना है कि चांदनी की जगह रोशनी शब्द का इस्तेमाल करना होगा। जी हां, बीते 21 दिसंबर को भारी बर्फबारी के कारण गुल तीसा के अधिकांश पंचायतों की बिजली कुछ दिन पहले ही बहाल हुई। लेकिन बिजली का उजाला ग्रामीणों को ज्यादा दिन तक नसीब नहीं हो सका। सोमवार को मौसम ने करवट बदली, बर्फ गिरी तो बत्ती फिर से गुल हो गई।
उपमंडल तीसा की 42 पंचायतों में से अधिकांश पंचायतों में बारिश और बर्फ बारी के कारण बत्ती गुल हो गई गई है। इस कारण हजारों लोगों को अंधेरे में रातें काटनी पड़ रही है। सोमवार रात को क्षेत्र में बारिश व बर्फबारी शुरू हो गई। इस कारण ग्राम पंचायत सनवाल, बैरागढ़, देवीकोठी, मंगली, सेईकोठी, डडवाली, मंगली, सुईंला, गुईला, जुनास, सत्यास, हरतवास, कुठेड़ बुधोड़ा, झज्जाकोठी और थनेई कोठी सहित अन्य पंचायतों में अंधेरा पसर गया है। इन पंचायतों में पिछले 24 घंटों से बिजली नहीं है। जबकि चांजू, चरड़ा और देहरा पिछले 15 दिन से विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी हुई है। इस कारण ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी रूप लाल, चैन सिंह, अशोक कुमार, दीवान चंद, सुरेंद्र कुमार, अश्विन कुमार, हरदयाल, पुनीत, भीम सिंह, राकेश कुमार, हरीश और हेम राज ने बताया कि बिजली न होने के कारण दिक्कतें पेश आ रही है। उन्होंने बिजली बोर्ड से मांग की है कि जल्द बिजली बहाल की जाए। बिजली बोेर्ड तीसा के सहायक अभियंता बाल कृष्ण डोगरा ने बताया कि बर्फबारी के कारण लाइन टूट गई है। इस कारण कुछ क्षेत्रों की लाइन काट दी गई है। उन्होंने कहा कि जैसे ही मौसम साफ होगा पूरे उपमंडल में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।

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