
ददाहू (सिरमौर)। जिला के पिछडे़ क्षेत्रों के विकास को वर्तमान सरकार द्वारा विशेष प्राथमिकता दी जा रही है तथा चालू वित्त वर्ष के दौरान पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि योजना के तहत सिरमौर जिला में 17 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जा रही है।
यह जानकारी मुख्य संसदीय सचिव विनय कुमार ने शनिवार शाम को जिला के दूरदराज गांव बड़ोल में लोगाें की समस्याओं के निदान के लिए आयोजित खुला दरबार के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने विकास का मुख गांव की ओर मोड़ा है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाएं घरद्वार पर उपलब्ध हो सके।
उन्हाेंने ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को सलाह देते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा में ही रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर विद्यमान है। उन्होंने माता भंगायनी मंदिर में पूजा अर्चना करने के उपरांत मंदिर समिति द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए कार्यान्वित किए जा रहे विभिन्न कार्यों का निरीक्षण किया। उन्हाेंने मंदिर समिति के सदस्यों के साथ बैठक करते हुए कहा कि भंगायनी माता मंदिर प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में से एक है जिसे धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है ताकि इस धार्मिक स्थल पर आने वाले पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सके। इस अवसर पर रेणुका कांग्रेस मंडल के अध्यक्ष तपेंद्र चौहान, मित्र सिंह तोमर, दलीप सिंह के अतिरिक्त विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
