
मंडी। कौशल विकास भत्ते के नाम पर युवाओं से हो रही ठगी को रोकने के लिए कमेटी नजर रखेगी। मान्यता न होने के बावजूद कौशल विकास भत्ते के नाम पर युवाओं से पैसा वसूल रहे संस्थानों और एनजीओ पर अब कार्रवाई की गाज गिर सकती है। इसके चलते ठगी करने वाले संस्थानों से जहां रिकवरी की जाएगी, वहीं रिकवरी न भरने पर आपराधिक मामला भी चलेगा। इसके लिए जिलास्तर पर कमेटी गठित की है। कमेटी कौशल विकास भत्ते के लिए मान्यता न होेने वाले संस्थानों की मानीटिरिंग करेगी।
मंडी जिले में डीसी की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमेटी गठित की है। यह प्रशिक्षण संस्थानाें का निरीक्षण करेगी। संस्थान की मान्यता, छात्रों के बैठने की क्षमता और संस्थान में पढ़ाई तथा शिक्षकाें के अलावा अन्य मानकों का स्तर जांचा जाएगा। कौशल विकास भत्ते के तहत आईटीआई, पालीटेक्निक कॉलेजों के साथ वोकेशनल कोर्स शामिल किए हैं। लेकिन ऐसे संस्थान जिन्हें एनजीओ चला रहे हैं और सरकार ने मान्यता नहीं दी है वे कौशल विकास भत्ते के तहत युवाओं को दाखिला नहीं दे सकते हैं। ऐसे में अगर कोई संस्थान सरकार की बिना अनुमति के बेरोजगारों के साथ ठगी करता है तो उसके खिलाफ जिला स्तर पर गठित कमेटी एक्शन लेगी।
जिला रोजगार अधिकारी एमसी ठाकुर ने बताया कि ठगी को रोकने के लिए जिलास्तर पर कमेटी गठित की है। कमेटी मान्यता न होने वाले संस्थानाें पर नजर रखेगी। इन संस्थानों को मान्यता नहीं है और युवाआें से पैसा वसूला जा रहा है उनसे रिकवरी की जाएगी।
8200 पहुंचा पात्र युवाओं का आंकड़ा
मंडी जिले में कौशल विकास भत्ते के लिए पात्र युवाआें का आंकड़ा करीब 8200 तक पहुंच गया है। मौजूदा समय में चार हजार से अधिक युवा कौशल विकास भत्ते का लाभ ले रहे हैं। कौशल विकास भत्ते के लिए युवाआें की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। जिला रोजगार कार्यालय में हर रोज तीन-चार सौ युवाआें के कौशल विकास भत्ते के लिए आवेदन आ रहे हैं।
