
डंसा (शिमला)। उत्तर भारत को रोशन करने वाला रामपुर क्षेत्र इन दिनों स्वयं बिजली संकट से जूझ रहा है। हालत यह है कि रामपुर उपमंडल की कई पंचायतों में इन दिनों अघोषित पावर कट आम हो गए हैं। कभी 66 केवी तो कभी नोगली सब स्टेशन में तकनीकी खराबी के चलते लोगों को अंधेरे में रहना पड़ता है। अघोषित बिजली कटों के चलते जहां लोगों को सर्द मौसम में कड़ाके की ठंड से जूझना पड़ता है, वहीं रोजमर्रा के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
रामपुर की लालसा, डंसा, शिंगला, बारह बीस वैली की कूहल, देवठी, मुनिश, काशापाट, दरकाली और भड़ावली पंचायतों में कभी दिन तो कभी शाम को पावर कट लग रहे हैं। लकड़ी का जुगाड़ कम मात्रा में होने से लोगों को ठंड से बचने समेत खाना पकाने के लिए भी बिजली पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में पावर कट उनकी परेशानी बढ़ा देते हैं। पावर कट से स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। जिला परिषद सदस्य पदमा देवी, कूहल पंचायत प्रधान दमयंती बिष्ट, देवठी के प्रधान टिकम सैणी, डंसा की प्रधान सीमा देवी, मुनिश प्रधान बसंत राम और लालसा उपप्रधान अमृतलाल शर्मा समेत गुरजीत सिंह, ताराचंद, निहाल सिंह, कमल चाई, जय सिंह, चतर सिंह खाची, हिम्मत सिंह मसोई, गोकुल राम, चूड़ा राम आदि ने बिजली बोर्ड से बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि उन्हें बिजली कट का सामना न करना पड़े।
बिजली बोर्ड रामपुर के सहायक अभियंता कुक्कू शर्मा ने बताया कि लोड बढ़ने और तकनीकी खराबी पर पावर कट लगाने पड़ रहे हैं। उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखकर आपूर्ति करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
