कोर्ट के निर्णय को चुनौती देगी सरकार

शिमला। बोर्ड और निगमों के कर्मचारियों को पेंशन तथा अन्य लाभ देने के हाईकोर्ट के निर्णय को सरकार चुनौती देने की तैयारी में है। क्या इस निर्णय को सरकार लागू करेगी? इस सवाल पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मंगलवार को कहा कि सरकार इसका रिकार्ड देखेगी। उसके बाद इस फैसले को चुनौती देने पर विचार हो सकता है। पिछले सप्ताह हिमाचल हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार के अधीन निगमों और बोर्डों के लगभग 7000 कर्मचारियों को पेंशन से संबंधित लाभ देने के मामले में फैसला सुनाते हुए आदेश दिए थे कि इन कर्मचारियों को 29 अक्तूबर 1999 को जारी अधिसूचना के तहत पेंशन और अन्य सेवा लाभ दिए जाएं।
न्यायालय ने सरकार के अधीन कार्य कर रहे निगमों और बोर्डों के कर्मचारियों को पेंशन से संबंधित मामले से जुड़ी लगभग 100 याचिकाओं की सुनवाई के बाद फैसला सुनाया था। इस फैसले के बाद एक तरह करीब 225 करोड़ रुपये सरकार को चुकाने होंगे। कोर्ट ने पेंशन जारी करने वाले सक्षम अधिकारी को आदेश दिए हैं कि वह पेंशन और अन्य सेवा लाभ 9 फ ीसदी ब्याज सहित 12 सप्ताह के भीतर जारी करें। ये कर्मचारी अपनी सेवा की एवज में सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर पेंशन की मांग कर रहे थे। भारी अतिरिक्त वित्तीय बोझ की आशंका के चलते राज्य सरकार इन कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर पेंशन देने के हक में नहीं थी। इस फैसले के आने के बाद भी सरकार इसे चुनौती देने की तैयारी में है।

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