
पालमपुर (कांगड़ा)। भाजपा से निष्कासन का दंश झेल चुके हिलोपा सुप्रीमो महेश्वर सिंह का मुख्य ध्येय बेशक प्रदेश में भाजपा को सत्ता से बाहर रखने का रहा हो। लेकिन वह आज भी भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शांता कुमार को अपना प्रेरणास्रोत मानते हैं। अटल बिहारी वाजपेयी के बाद शांता को अपना आदर्श मानने वाले महेश्वर का भाजपा से मोह भंग हो चुका है। फिर भी उनका शांता से प्यार अभी तक कम नहीं हुआ है। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ की भी तारीफ की और कहा कि वह साफ सुथरे व्यक्ति हैं। ऐसे में भी उन्होंने भाजपा में आने से साफ इनकार कर दिया कि बोतल का ढक्कन बदलने से उसके अंदर की शराब नहीं बदल जाएगी। इसके लिए काफी कुछ करना पड़ेगा। लेकिन अकेले राजनाथ सिंह क्या क्या करेंगे?
हिलोपा के पालमपुर में हुए स्थापना दिवस समारोह को भी इससे जोड़कर देखा जा रहा है। हिलोपा मुखिया महेश्वर ने साफ कहा कि पालमपुर से स्थापना दिवस की शुरुआत करने के पीछे भी उनका एक कारण रहा है। उन्होंने कह दिया कि पालमपुर में ही उनके प्रेरणास्रोत शांता कुमार रहते हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने की प्रेरणा उन्होंने शांता से ली है। उन्होंने साफ कहा कि प्रदेश भाजपा में शांता ही ऐसे व्यक्ति हैं, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ खुला बोलने का माद्दा रखते हैं और उन्होंने ही नाहन में भाजपा जनसभा में अपने राष्ट्रीय नेताओं के सामने भ्रष्टाचार की बात उठाई थी।
