
काशीपुर। लक्ष्मीपुर माइनर के अतिक्रमणकारियों को चिह्नित करने के लिए एसडीएम द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के विरुद्ध याचिका सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने तीन सप्ताह का समय दिया है।
समाजसेवी अनिल माहेश्वरी की लक्ष्मीपुर माइनर से अतिक्रमण हटाने की जनहित याचिका पर एक साल पहले हाईकोर्ट ने प्रशासन और सिंचाई विभाग को अतिक्रमण को चिह्नित कर अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था। प्रशासन ने लगभग 160 लोगों को चिह्नित किया। परगना मजिस्ट्रेट की अदालत ने आपत्तियों पर सुनवाई की और सभी आपत्तियां खारिज कर दी, परंतु 40 लोगों ने जिला जज फिर हाईकोर्ट में दायर कर कहा कि रतन सिनेमा मार्ग के पास जिस स्थान से नहर बह रही है। नक्शे में नहर वहां पर नहीं होकर दूसरे स्थान पर बह रही है। हाईकोर्ट ने इस संबंध में एसडीएम को दोबारा सर्वे कर अतिक्रमण चिह्नित कर शपथ पत्र दाखिल करने का आदेश दिया। एसडीएम ने अधिकारियों की टीम के साथ दोबारा माइनर का सर्वे कर हाईकोर्ट में 228 पेज की रिपोर्ट के साथ शपथ पत्र दाखिल किया। रिपोर्ट में अतिक्रमणकारियों के नाम के सामने नहर की भूमि पर कितना कब्जा किया गया यह अंकित किया गया। अगर किसी की केवल छत भी आगे है तो वह भी दिखाया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि नहर के दोनों ओर नहर की संपूर्ण भूमि पर अतिक्रमण है। नहर के ऊपर स्लैब पडे़ हैं। रिपोर्ट में एसडीएम खटीमा, एसडीएम काशीपुर, राजस्व निरीक्षक काशीपुर व पैगा, लेखपाल प्रेम सिंह, राम सिंंह, सहायक नगर निगम अधिकारी, सहायक अभियंता सिंचाई, सहायक अभियंता लोनिवि समेत तेरह अधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। अनिल माहेश्वरी ने बताया कि हाईकोर्ट ने स्टे आर्डर लेने वाले 40 लोगों को एसडीएम की रिपोर्ट पर सुनाई के लिए 17 दिसंबर से तीन सप्ताह का समय दिया है।
