गिरी बर्फ, बढ़ी ठंड और सड़कें हुई बंद

रामपुर बुशहर/ सांगला/आनी। शनिवार रात और रविवार को कई क्षेत्रों में सीजन का पहला हिमपात हुआ। इसके साथ ही पहाड़ियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली। ताजा हिमपात और बारिश से किसान और बागवानों को राहत मिली है। लेकिन हिमपात के चलते बढ़ी ठंड ने लोगों को घरों में दुबके रहने के लिए मजबूर किया है। रविवार को सुबह से मौसम खराब रहा। लोगों ने सर्दी भगाने के लिए हीटरों, अंगीठियों का सहारा लिया। किन्नौर के कल्पा में रविवार को न्यूनतम तापमान माइनस 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
शिमला, किन्नौर और कुल्लू जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शनिवार से हिमपात जारी है। रविवार को सुबह से ही बर्फ के फाहे गिरते रहे। रामपुर के दरकाली में 15, काशापाट में 18, सराहन में सात सेंटीमीटर बर्फ पड़ चुकी है। इसी तरह किन्नौर जिले के कल्पा में 10 और छितकुल में एक फुट बर्फबारी की सूचना है। इसके अलावा पांगी, रोधी, कोठी, तेलंगी, ब्रेलंगी, दाखो, शुदारंग, पूह, रिब्बा, रिस्पा, खादरा, आकपा, रारंग, मूरंग, जंगी, लिप्पा, आसरंग, स्पीलो, कानम, लाबरंग, नेसंग, रोपावैली, डुबलिंग, नमज्ञा, नाको, खाब, हांगो, चुलिंग, लियो, यंगथंग, चांगो, सुमरा, शलखर,निचार, बरी, तरांडा, कंगोस, तरांडा, छोटा कंबा, बड़ा कंबा, नाथपा, रूपी में ढाई से सातंमी बर्फबारी की सूचना है। आनी के खनाग में एक फुट बर्फ पड़ी है। इसी तरह पनेऊ, मरोगी जोत, कंडागई, बुच्छैर चूड, रघुपुर गढ़ और सरेऊलसर जैसे ऐतिहासिक पर्यटन स्थल बर्फबारी से लबालब हैं।
कड़छम, चोलिंग, टापरी, भावानगर, निगुलसरी, रामपुर समेत आसपास के निचले क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश हुई। बर्फबारी, बारिश से तापमान में खासी गिरावट आई है। तापमान में गिरावट से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शीतलहर का प्रकोप बढ़ा है। मौसम का यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बिजली और पेयजल संकट भी गहराने के भी आसार नजर आ रहे हैं।

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