
हिमाचल की राजधानी शिमला के कुफरी, जाखू और ऊंची चोटियों पर शनिवार देर शाम सात बजे मौसम का पहला हल्का हिमपात हुआ।
हालांकि फाहे ज्यादा देर तक नहीं टिक सके, लेकिन जिस तरह से मौसम बना हुआ है, हिमपात की पूरी संभावना बनी हुई है। मनाली के सोलंगनाला और चंबा के डलहौजी में कभी भी फाहे उतर सकते हैं।
ऊपरी चोटियों पर बर्फबारी शुरू हो चुकी है। उधर, शिमला शहर में हल्की बूंदाबांदी और प्रदेश के अन्य जिलों में ठीकठाक बारिश हुई है। मौसम विभाग ने भी बर्फबारी की संभावना जताई है।
उधर, प्रदेश की ऊंची चोटियों पर शनिवार को हिमपात हुआ जबकि मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों हल्की बारिश हुई। सभी जिलों में दिनभर बादल छाए रहे। प्रदेश भर में पिछले चार दिनों से शीतलहर चल रही है।
अधिकतर शहरों का न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे चल रहा है। कल्पा, केलांग और मनाली का न्यूनतम तापमान माइनस पहुंच चुका है।
शनिवार देर शाम खराब मौसम के बीच रोहतांग दर्रा समेत घाटी के कुंजुम दर्रा, बारालाचा दर्रा, घेपन पीक, सेवन सिस्टरपीक, लेडी ऑफ केलांग, कुकती जोत समेत मयाड़ घाटी के कांगला ग्लेशियर में रुक-रुक बर्फबारी जारी है।
घाटी में न्यूनतम पारा शून्य से करीब दस डिग्री नीचे लुढ़क गया है। राजधानी का न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मैदानी इलाकों में धुंध और कोहरे के कारण ऊना का पारा गिरकर 4.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।
मौसम विभाग के अनुसार रविवार और सोमवार को भी ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और बारिश का संभावना है। मौसम विभाग के शिमला केंद्र के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में परिवर्तन आया है।
शनिवार को केलांग का न्यूनतम तापमान माइनस 8.1, कल्पा का माइनस 5.0 और मनाली का माइनस 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा राजधानी शिमला का न्यूनतम तापमान शुक्रवार को 2.1 था, जो शनिवार को गिरकर 1.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।
