ढाई फीसदी से अधिक न कमाएं मुनाफा

मंडी। मंडी जिले में थोक और परचून मुनाफाखोरी की दरें तय कर दी गई हैं। प्रदेश
जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी रोकथाम आदेश 1977 के तहत जिला दंडाधिकारी मंडी देवेश कुमार ने मंडी में विभिन्न वस्तुओं के थोक और परचून में विक्रय करने पर अधिकतम तथा न्यूनतम मुनाफा अर्जित करने की अधिसूचना जारी की है।
अधिसूचना के तहत खाद्य और उनसे निर्मित पदार्थों, गुड़, शकर, चीनी, सभी प्रकार की दालें, पेपर, ऊनी कपड़े और खाद्य तेल के थोक विक्रय पर अढ़ाई फीसदी और परचून विक्रय पर साढ़े पांच प्रतिशत मुनाफा तय किया है।
अधिसूचना के मुताबिक अंडे और ब्रेड की खुली पैंकिंग पर थोक में 5 प्रतिशत और परचून पर सात प्रतिशत अधिकतम मुनाफा लिया जा सकता है। अन्य ब्रेड, पैकिंग वाले खाद्य तेल और बोतल बंद उत्पाद उन पर दर्शाई गई रेट के अनुसार बेचे जाएंगे। एलपीजी गैस, केरोसिन तेल, सभी प्रकार के पकाए खाद्य पदार्थ, दूध, दही, पनीर, फल और सब्जियां तय दरों पर ही बेची जा सकती हैं। यह अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू होगी।

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