
रुद्रप्रयाग/घोलतीर। आपदा के छह माह बाद भी क्षतिग्रस्त कोठगी-घोलतीर झूला पुल की मरम्मत नहीं हो पाई है, जिससे आवाजाही में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पुल की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणाें ने इससे खच्चरों की आवाजाही बंद कर दी है, जिससे गांव तक रोजमर्रा की वस्तुआें की सप्लाई में दिक्कत आ रही है।
कोठगी-घोलतीर झूला पुल तल्ला नागपुर पट्टी के कोठगी, भटवाड़ी, छिनका, मदोला, कोटी समेत आधा दर्जन से अधिक गांवाें को जोड़ता है। इसी मार्ग से खच्चराें से ग्रामीण गांवाें तक राशन व अन्य वस्तुआें की सप्लाई करते हैं। लेकिन जून में आई आपदा के कारण पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे पुल एक ओर झुक गया है।
ग्रामीण शैलेंद्र भंडारी, मोती लाल, चरण सिंह, यशपाल सिंह ने बताया कि पुल ढह न जाए इसे देखते हुए पुल से खच्चराें की आवाजाही बंद कर दी गई है, जिससे लोग नेपाली मजदूराें को अधिक पैसा देकर गांवाें तक राशन व अन्य वस्तुआें की सप्लाई करा रहे हैं। उन्हाेंने बताया कि इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी है।
इधर, लोनिवि के ईई इंद्रजीत बोस ने बताया कि जिले में क्षतिग्रस्त झूला पुलाें की मरम्मत के लिए रिपेयरिंग टीम बुलाया गया है, जो रविवार तक पहुंच जाएगा। इसके बाद पुल की मरम्मत करवाई जाएगी
