
शिमला। फर्जी डीओ मामले में एक कर्मचारी नेता भी जांच के दायरे में आ गया है। अब उससे भी पूछताछ की जाएगी। सचिवालय के बाद अब पुलिस शिक्षा निदेशालय में फर्जीवाड़े की कुछ और संभावनाएं तलाशने की बात कर रही है। शिक्षा निदेशालय में तबादले के लिए पहुंचने वाले डीओ सचिवालय से डाक से आते हैं या फिर खुद भी ले जा सकते हैं। इस दिशा में भी छानबीन होगी कि अगर केवल डाक से आने वाले डीओ ही मान्य हैं तो कर्मचारी नेता के साथ-साथ उन कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया जा सकता है जिन्होंने कर्मचारी नेता के कहने पर फर्जी डीओ बाई हैंड लिया।
इस फर्जीवाडे़ का खुलासा सचिवालय में मुख्यमंत्री के पहले फर्जी डीओ पर कामर्स के लेक्चरर संजीव कुमार का तबादला रोहडू से ऊना किया गया। लेक्चरर आरोपी संजय गुलेरिया के संपर्क में था। तबादले को लेकर तीस हजार में सौदा तय हुआ था। काम हो जाने के बाद पैसा दिया जाना था। इससे पहले की आरोपी तक पैसा पहुंच पाता मामले का भंडाफोड़ हो गया। मुख्यमंत्री कार्यालय से क्रमांक संख्या 64 से 100 नंबर तक के डीओ चोरी हो गए थे। जांच आगे बढ़ने के साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू हो गया।
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इस फर्जी डीओ से उठी नेता पर अंगुली
डीओ नंबर 632072 : शिमला के प्राइमरी स्कूल मांदरी की कांता शर्मा को कडारघाट और अमरचंद को मांदरी ट्रांसफर। इस फर्जी डीओ में शिक्षा निदेशालय में तैनात कर्मचारी नेता का नाम दर्ज किया गया है। इसमें लिखा गया है कि यह डीओ उक्त व्यक्ति ने खुद आकर दिया है। कर्मचारी नेता के साथ साथ इससे बाई हैंड लेने वाला कर्मचारी भी अब जांच के दायरे में आ गया है।
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कर्मचारी नेता से होगी पूछताछ : डीएसपी
डीएसपी सिटी पंकज शर्मा ने कहा कि एक फर्जी डीओ पर शिक्षा निदेशालय में तैनात एक कर्मचारी नेता के नाम का जिक्र किया गया है। इसमें डीओ रिसीव करने वाले ने लिख रखा है कि उक्त व्यक्ति ने खुद यह डीओ दिया है। लिहाजा अब उक्त कर्मचारी नेता से पूछताछ होगी। इसके बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
