थोक विक्रेताओं को देना होगा क्यू फार्म

मंडी। सब्जी और फलों के रेट तय करने के लिए जिला प्रशासन ने ठोस कदम उठाया है। थोक विक्रेताओं को सब्जी बेचने पर पक्का बिल यानी क्यू फार्म देना अनिवार्य कर दिया है। कोई थोक विक्रेता पक्का बिल देने में आनाकानी करता है तो उसके खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। सब्जियों और फलों के मनमाने रेट वसूलने पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से अपनाए गए फार्मूले को सरकार ने स्वीकार कर लिया है। इसी तर्ज पर प्रदेश के सभी जिलों को सब्जियों और फलों के रेट निर्धारित करने के आदेश दिए हैं।
एक ही शहर में विक्रेताओं द्वारा लोगों को अलग-अलग दाम पर सब्जियां और फल बेचने पर जिला प्रशासन ने उचित कदम उठाया है। जिला प्रशासन ने तय किया कि मंडियों में थोक विक्रेताओं को उत्पाद बेचने पर परचून विक्रेता को क्यू फार्म देना होगा। साथ ही परचून विक्रेता को भी हर रोज के रेट की सूची दुकानों के आगे लगानी जरूरी होगी। प्रशासन ने शहर के सार्वजनिक स्थानों पर भी सब्जियों और फलों के रेट बोर्ड लगा रखे हैं। उपमंडल स्तर पर भी यह फार्मूला अपनाने के लिए थोक और परचून विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं। एसडीएम की अध्यक्षता में हर उपमंडल स्तर पर बैठक होगी। जिला प्रशासन के इस फार्मूले को पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है। हालांकि प्रशासन के इस फैसले के बाद सब्जियों व फलों के मनमाने रेट पर अंकुश लगा है।
उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
एडीएम पंकज राय ने कहा कि थोक व्यापारियों को क्यू फार्म देना अनिवार्य है। कोई व्यापारियों क्यू फार्म नहीं देता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। परचून विक्रेताओं को दुकानों के आगे रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य होगा। मंडी शहर के सार्वजनिक स्थानों पर कृषि उपज मंडी समिति की ओर से सब्जियों और फलों का रेट बोर्ड लगाया गया है।

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