
चंबा। अंबेडकर मिशन सोसाइयटी चुराह ने चांजू में प्रोजेक्ट निर्माण कार्य से प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने का बीड़ा उठाया है। सोसायटी के संस्थापक केएल शाह ने बताया कि चांजू में निर्माणाधीन प्रोजेक्ट के चलते दलिंजण, कूंआ, मकलवानी व कठवाड गांवों के घरों में काफी दरारें आ गईं हैं। इससे गांवों के लोगों पर खतरा मंडरा रहा है और लोग खतरे में जीवन जीने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट निर्माण के लिए की गई ब्लास्टिंग से लोगों के घरों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। लोगों के मकान रहने लायक नहीं बचे हैं। गांवों 125 परिवार डर के साए में गुजर-बसर कर रहे हैं। उन्होंने कि कहा कि ये गांव जमींदोज भी हो सकते हैं। केएल शाह ने बताया कि टिकरीगढ़ पंचायत के दलिंजन, कूंआ व मकलवानी गांवों में अनुसूचित जाति के 51 परिवार रहते हैं। प्रोजेक्ट निर्माण के लिए बनाई जा रही टनल से गांवों की भूमि दिन प्रतिदिन धंस रही है। घरों के साथ-साथ कृषि योग्य भृमि पर भी दरारें आ गई हैं। शाह ने कहा कि कठवाड़ गांव में आईं दरारों का मुख्य कारण गांव के नीचे बनाई जा रही सुरंग है। उन्होंने बताया कि सोसायटी की एक टीम के सदस्यों देवी दास, इंद्र सिंह, रमेश, तिलक राज, पवन ने प्रभावित गांवों का दौरा किया और प्रभावित गांवों के ग्रामीणों लाल चंद, जगदीश नाथ, मान सिंह, रूप सिंह, धारू, ओध सिंह, खेम से मुलाकात की और समस्त गांवों की वीडियोग्राफी की गई। सोसयटी ने अंदेशा जताया है कि आगामी दिनों में बर्फ पड़ने से लोगों के अन्य स्थानों पर रहने की व्यवस्था की जाए, क्योंकि लोगों के जर्जर घर कभी भी जमींदोज हो सकते हैं। केएल शाह ने बताया कि वीडियोग्राफी की सीडी राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भेजी जाएगी और उचित कार्रवाई करने की मांग की जाएगी।
