
श्रीनगर। आपदा के छह माह से अधिक समय गुजर जाने के बावजूद शक्ति विहार के कुछ आपदा प्रभावित परिवारों को अब तक किराए के लिए एक भी धेला भी नहीं मिला है। जबकि तहसील प्रशासन के अधिकारी दावा कर रहे है कि सितंबर माह तक सभी प्रभावितोें को किराया दिया जा चुका है।
बीते जून माह की आपदा में शक्तिविहार के सौ से अधिक आवासीय भवन जलमग्न हो गए थे। लोग महीनों तक राहत शिविरों में रहे। अधिकांश भवन स्वामियों ने किसी तरह अपने घराेें से मलबा हटा कर रहने लायक तो कर दिया है, लेकिन घरों में रहने में खतरा था। ऐसे में प्रभावित किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं। वहीं कुछ दिन पूर्व ही अपने घर में लौटे सुरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि उन्हें सरकार की ओर से मात्र एक लाख का मुआवजा दिया गया। घर को फिर से रहने लायक बनाने में छह लाख से अधिक का खर्चा आया। उन्होंने बताया वे तीन माह तक किराए के मकान में भी रहे, लेकिन सरकार की ओर से उन्हें कि राए के लिए एक धेला भी नहीं दिया गया। जबकि सरकार ने प्रभावितों को किराया देने की बात कही थी। प्रभावित क्षेत्र शक्ति विहार के करीब 10 परिवार अभी भी किराए के कमरों में रह रहे हैं।
इंसेट
इनका क्या है कहना
सभी भवनों की सफाई करा दी गई है। शासन से जितना मुआवजा स्वीकृत था उसे प्रभावितों को बांट दिया गया। 30 परिवारों को सितंबर माह तक का किराया दिया जा चुका है, शेष किराया भी जल्द दे दिया जाएगा। – अबरार हुसैन तहसीलदार श्रीनगर।
इन लोगों के परिवार हैं किराए पर
हरीश राणा, पूरण सिंह बिष्ट, हृदयराम कोटनाला, मेहरबान सिंह नेगी, संध्या बलोधी, मनोज उप्रेती, कमल रयाल, अनिल रयाल और मानव सिंह बिष्ट।
