यौन शोषण प्रकरणः कुछ अन्य लोगों पर भी लटकी तलवार

अपर सचिव (निलंबित) जेपी जोशी पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली युवती की ओर से दिए गए शपथपत्र को पुलिस ने अदालत में पेश किया।

कुछ और लोगों के नाम का खुलासा
गुरुवार को पेश किए गए इस शपथपत्र में युवती ने मामले से जुड़े कुछ और लोगों के नाम का खुलासा करते हुए अपनी जान को खतरा बताया है।

शपथपत्र में जेपी जोशी, निलंबित संयुक्त सचिव सुमन सिंह वल्दिया और जोशी को ब्लैकमेल करने के मामले में गिरफ्तार शाइनी मैक के अलावा बैनर्जी, कथित पत्रकार आरिफ, अभिषेक सिन्हा के अलावा कुछ और नामों का जिक्र है।

शपथपत्र में युवती ने वल्दिया और शाइनी मैक से जान का खतरा बताया है। हालांकि, अदालत सरेंडर के लिए दी गई अर्जी में उसने वल्दिया और शाइनी मैक को क्लीन चिट देते हुए कहा है कि प्रकरण में दोनों की कोई भूमिका नहीं है।

युवती का स्वास्थ्य ठीक नहीं
उसने कहा कि पुलिस ने उसे सरकारी गवाह बनाने का लालच दिया था। युवती ने गुरुवार को भी अदालत में सरेंडर नहीं किया। युवती की ओर से अदालत में अर्जी देकर कहा गया कि उसका स्वास्थ्य ठीक नहीं है।

वह अब शुक्रवार को सरेंडर कर सकती है। इस बीच ब्लैकमेलिंग के आरोपी शाइनी की जमानत अर्जी बृहस्पतिवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकी साहनी की अदालत में खारिज कर दी गई।

पुलिस की भूमिका को संदिग्ध बताया
जेपी जोशी का प्रमोशन रुकवाने के मकसद से सीडी बनवाने के आरोपी सुमन सिंह वल्दिया और शाइनी मैक के अधिवक्ता विजय भूषण पांडे ने इस मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि पीड़ित युवती ब्लैकमेलिंग के मामले में वांछित है। हाईकोर्ट ने उसे सरेंडर करने का निर्देश दिया था। इसी बीच वह शपथपत्र लेकर पुलिस के पास पहुंची और उसे गिरफ्तार नहीं किया गया।

मालूम हो कि यौन शोषण के आरोप में जेल में बंद जेपी जोशी ने युवती और उसके कुछ साथियों पर ब्लैकमेलिंग का मुकदमा दर्ज करवया है।

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