
तपोवन (धर्मशाला)। शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल की शुरुआत करुणामूलक भर्ती नीति से हुई। सात विधायकों ने अलग-अलग तरीके से यह मसला उठाया, पर आवेदकों को कोई राहत नहीं मिल पाई। कांग्रेस विधायक आशा कुमारी और अजय महाजन, भाजपा विधायक गुलाब सिंह ठाकुर, हंसराज, रणधीर शर्मा, वीरेंद्र कंवर और राजीव बिंदल ने यह सवाल पूछा। जवाब में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बताया कि करुणामूलक भर्ती के 624 मामले इस समय विभिन्न विभागों में लंबित हैं। 404 लोगों को रोजगार दिया है। बाकी मामलों की समीक्षा हो रही है। विधायकों ने पूछा था कि क्या सरकार पहले की तरह मृतक के आश्रित को उसकी योग्यता के अनुसार रोजगार देने का विचार रखती है। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निर्णय को किसी भी केस में लागू नहीं किया गया है और वापस ले लिया गया है। बिंदल के सवाल पर वीरभद्र सिंह ने कहा कि आवेदन की तिथि की पेंशन को ही इसके लिए आय सीमा में शामिल किया जाएगा। फिर आशा कुमारी ने आवेदकों के लिए सबसे अहम सवाल उठाया कि आय सीमा को 75 हजार से बढ़ाकर 1.25 लाख तो किया गया, लेकिन विभाग पुराने आवेदनों को अब भी 75 हजार पर ही लौटा रहे हैं। इसलिए क्या इसका रिव्यू सरकार करेगी और नए सिरे से ये निर्देश दिए जाएंगे कि आय सीमा बढ़ी हुई ली जाए। इस पर मुख्यमंत्री ने कोई आश्वासन नहीं दिया।
