
नूरपुर (कांगड़ा)। प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों के चलते भले ही बिजली बोर्ड ने संवेदनशील पदों पर तैनात दागी अफसरों को हटाने की मुहिम शुरू कर दी है, लेकिन ऐसे दागी अफसरों को हटाने के लिए बोर्ड को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। ऐसा ही एक मामला बिजली बोर्ड के नूरपुर मंडल के अंतर्गत डमटाल में सामने आया है। नूरपुर स्थित विद्युत मंडल के अधिशासी अभियंता ने बोर्ड प्रबंधन के आदेश पर डमटाल स्थित एक प्रथम श्रेणी अधिकारी का कार्यभार निकटवर्ती कंदरोड़ी में तैनात अन्य अधिकारी को सौंप दिया है। कंदरोड़ी में तैनात अधिकारी ने डमटाल का कार्यभार तो संभाल लिया, लेकिन इस पद से हटाए गए अधिकारी ने कैशबुक और चेस्ट की चाबियां देने से इनकार कर दिया। इसके चलते बिजली बोर्ड के अधिकारी पसोपेश हैं। बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता एसके शर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि बोर्ड प्रबंधन द्वारा डमटाल स्थित इस अधिकारी को हटाने के आदेश 9 दिसंबर को जारी हुए थे, जो उन्हें 10 दिसंबर को प्राप्त हुए। बोर्ड प्रबंधन के आदेश की अनुपालना करते हुए उन्होंने कंदरोड़ी में तैनात अधिकारी को डमटाल का कार्यभार संभालने के आदेश दिए, जिसके चलते उक्त अधिकारी ने 11 दिसंबर को कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने माना कि बोर्ड प्रबंधन की ओर से डमटाल से हटाए गए अधिकारी कैशबुक और चेस्ट की चाबियां देने में अभी तक आनाकानी कर रहे हैं। लिहाजा, इस संबध में बोर्ड के उच्च अधिकारियों को लिखित रूप में सूचित कर दिया है। डमटाल से हटाए गए अधिकारी का बोर्ड प्रबंधन ने मंडी जिला के जोगिंद्रनगर स्थित व्यास वैली कारपोरेशन में तबादला किया है।
उधर, विद्युत बोर्ड के मुख्य अभियंता जेएस परमार ने साफ किया कि यदि यह अधिकारी बोर्ड के आदेशों की अनुपालना नहीं करेगा तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
