
भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से पास आउट होने वाले 617 यंग आफिसर्स शनिवार को सेना में शामिल हुए।
सेना की भूमिका बढ़ गई
रक्षा मंत्री एके एंटनी ने पासिंग आउट परेड में सेना की उत्तराखंड आपदा में उल्लेखनीय योगदान बताते हुए कहा कि सेना की भूमिका अब युद्ध के साथ आपदा प्रबंधन में भी बढ़ गई है। 133 वें नियमित कोर्स के कैडेट अक्षत जोशी को सर्वेश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए रक्षा मंत्री ने स्वॉर्ड ऑफ आनर से सम्मानित किया।
रक्षा मंत्री ने पास आउट होने वाले यंग आफिसर्स को कहा कि सेना की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। युद्ध के समय सरहदों के साथ शांतिकाल में प्राकृतिक आपदा में राहत एवं बचाव कार्य सेना की सेवाओं का हिस्सा है।
उत्तराखंड में आई भीषण त्रासदी में सेना ने अपना रोल बखूबी निभाया है। उन्होंने कहा कि युवा अफसर भारतीय सैन्य परंपरा का निर्वाह करेंगे। एंटनी ने कहा कि ट्रेनिंग के दौरान उन्हें सीखाई गई हर बात भविष्य में सफल अफसर बनने के काम आएगी।
अक्षत जोशी ने परेड की अगुवाई की
उन्होंने कैडेट्स को भविष्य की चुनौतियों के साथ जिम्मेदारियों के लिए तैयार रहने की सलाह दी। इससे पूर्व चैटवुड भवन के ड्रिल स्क्वायर पर 133 वें नियमित कोर्स, 116 वें टेक्निकल ग्रेजुएट और 22 वें टेक्निकल एंट्री स्कीम के कुल 617 जेंटलमैन कैडेट्स के साथ 71 विदेशी कैडेट्स (एफजीसी) पासिंग आउट परेड के मार्चिंग दस्ते में शामिल हुए।
परेड कमांडर कैडेट अक्षत जोशी ने परेड की अगुवाई की है। मार्चिंग दस्ते के निरीक्षण के बाद रक्षा मंत्री एके एंटनी ने अकादमी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के कैडेट्स को सम्मानित किया। अल्मोड़ा के अक्षत जोशी को एंटनी ने स्वार्ड आफ आनर प्रदान किया किया। इससे पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह और आईएमए कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल मानवेंद्र सिंह को परेड ने सलामी दी।
71 विदेशी कैडेट हुए शामिल
अकादमी में प्रशिक्षण लेने वाले मित्र राष्ट्रों के पास आउट हुए विदेशी कैडेट्स में सर्वाधिक 52 अफगानिस्तान के हैं। इसके अलावा 5 तजाकिस्तान, दो नेपाल, 5 कजाकिस्तान, 2 मारिशियस, पांच भूटान के पास आउट हुआ।
