
पांगणा (मंडी)। क्षेत्र में बारिश न होने से हजारों किसान नकदी फसल मटर की बिजाई नहीं पा रहे हैं। बिजाई कार्य पिछड़ने से किसान चिंतित हैं। पांगणा, मशोग, छंडयारा, गोडन, सोरता, बिठरी, बखरौट, काओं, ममेल, भंथल, मतेहल, माहूंनाग, बलिंडी, काहणों, शोरशन, बगाशाड़ और चुराग क्षेत्रों में किसान बारिश न होने से मटर की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। यहां मटर काफी तादाद में होता।
लगातार सूखे के चलते खेतों से नमी गायब है। इसके चलते किसान महंगे बीज खरीद कर बारिश के इंतजार में हैं। किसान गोपाल शर्मा, भाग चंद, दर्शन लाल शर्मा, नरेश शर्मा, लोकपाल, पद्म सिंह , दयाराम, नरपत राम, दिलाराम, बेगा राम और देवी सिंह ने कहा कि एक सप्ताह में बारिश न हुई तो किसानों को करोड़ों का नुकसान उठाना पडे़गा। किसानों ने बिजाई के लिए सैकड़ाें क्विंटल बीज खरीद रखा है। बारिश न होने से गेहूं की फसल में भी खासा नुकसान हो सकता।
विभाग ने दिया 550 क्विंटल बीज
करसोग में तैनात कृषि विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ हरीश शर्मा ने कहा की करसोग खंड में इस बार विभाग ने ही करीब 550 क्विंटल मटर बीज अनुदान पर किसानों को दिया है। क्षेत्र में नमी न होने पर किसान बिजाई नहीं कर पा रहे। उन्होंने कहा की बिर्जाई देरी से होने पर मटर की पैदावार पर असर पड़ सकता है।
देवता की शरण में जाने की तैयारी
उधर देव कारदार औैर क्षेत्र के कुछ लोगों ने ममलेश्वर महादेव तथा देव महासू से बारिश की गुहार लगाने का मन भी बना लिया है। इसकी तैयारियां चल रही है।
