
शिमला। राजधानी शिमला के पंथाघाटी पटवार खाने में सात माह से ताला लटका पड़ा है। यहां बैठने वाले पटवारी को कसुम्पटी राजस्व विभाग के कार्यालय में भेजे जाने से स्थानीय लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ब्योलिया पंचायत के इस पटवार खाने में पटवारी के लिए बाकायदा रहने के सरकारी आवास भी बनाया गया है। पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पटवार खाने में जल्द से जल्द पहले की तरह से पटवारी की तैनाती की जाए। पंचायत प्रधान देवानंद वर्मा, वार्ड सदस्य दिनेश शांडिल, स्थानीय निवासी सुरेंद्र शांडिल, राजपाल शर्मा, राजन, हीरा लाल और विजय शांडिल ने कहा कि पटवारखाने को शिफ्ट किए जाने से पंचायत के करीब 15 से अधिक गांवों के 1500 लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। सरघीण, मेहली, ब्यौलिया, क्वारा, होरी, ढमेची, श्यार, क्वालग मझघर सहित पुजारली और इस पटवार सर्किल के तहत आने वाले लोगों को काम करवाने के लिए कसुम्पटी जाना पड़ता है। लोगों ने जिला प्रशासन और राजस्व विभाग से मांग की है कि पंथाघाटी में बने इस पटवार खाने में पहले की तरह पटवारी की तैनाती की जाए
