
मंडी। नए साल से मरीजों को महंगी दवाइयां खरीदने के लिए जेब ढीली नहीं करनी पड़ेगी। एक जनवरी से सरकार की ओर से प्रदेश के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में 341 तरह की जैनरिक दवाइयां उपलब्ध करवाई जाएंगी। साथ ही डाक्टर को भी मरीजों की पर्ची पर जैनरिक दवाइयां लिखना अनिवार्य किया जाएगा। सरकार और स्वास्थ्य महकमे के इस प्रयास से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को सस्ती दवा मिल सकेगी।
पहली जनवरी से विभिन्न बीमारियों से पीड़ित मरीजों को स्वास्थ्य महकमा प्रदेश के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में 341 प्रकार की जैनरिक दवाइयां उपलब्ध करवाएगा। इसके लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। सभी सरकारी अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी केंद्रों पर जैनरिक दवाइयां उपलब्ध होने से डाक्टर भी पर्ची पर यही दवाइयां लिखेंगे। अभी तक स्वास्थ्य केंद्रों पर सभी जैनरिक दवाइयां उपलब्ध न होने के कारण चिकित्सकों को भी बाहर की दवाइयां लिखनी पड़ती थी। जो मरीजों की जेब पर भारी पड़ती थी, लेकिन अब मरीजों को नए साल से सस्ती दवाइयां उपलब्ध हो सकती हैं। चिकित्सकों को भी हिदायत दी कि गई कि पहली जनवरी से मरीजों की पर्ची पर जैनरिक दवाइयों के नाम लिखें। अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डा. कुलतार सिंह डोगरा का कहना है कि पहली जनवरी से प्रदेश के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर 341 प्रकार की जैनरिक दवाइयां उपलब्ध करवाने के लिए विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि पहले स्वास्थ्य केंद्रों पर सभी प्रकार की जैनरिक दवाइयां नहीं होती थी। इस कारण चिकित्सक बाहर की दवाइयां लिखते थे, लेकिन अब कोई भी चिकित्सक मरीजों को बाहर से दवाइयां खरीदने की सलाह नहीं देगा।
क्या कहते हैं स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पहली जनवरी से प्रदेश के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर 341 प्रकार की जैनरिक दवाइयां उपलब्ध रहेंगी, ताकि मरीजों को महंगी दवाइयां खरीदने से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को हिदायत दी गई है कि पर्ची पर जैनरिक दवाइयां लिखें। अन्यथा सरकार की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
