
रणजी ट्रॉफी से यूं तो उत्तराखंड काफी दूर है, लेकिन प्रदेश के कई खिलाड़ी दूसरे प्रदेशों की टीमों का हिस्सा बन इस टूर्नामेंट में जलवा बिखेर रहे हैं।
उत्तराखंड के लिए अभिशाप
क्रिकेट एसोसिएशनों की आपसी लड़ाई के कारण प्रदेश को अब तक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से मान्यता नहीं मिल पाई है। इन एसोसिएशनों की खींचतान दूसरे प्रदेशों के लिए वरदान तो उत्तराखंड के लिए अभिशाप साबित हो रही है।
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क्योंकि उत्तराखंड से गए खिलाड़ी अपनी-अपनी टीमों के लिए संजीवनी साबित हो रहे हैं। चेतन बिष्ट और रॉबिन बिष्ट तो उत्तर प्रदेश के खिलाफ अपनी रणजी टीम राजस्थान को हार से बचा चुके हैं। वहीं उन्मुक्त चंद, मनीष पांडे के बल्ले रन उगल रहे हैं।
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दोनों इस रणजी सत्र में एक-एक शतक लगा चुके हैं। बीसीसीआई कह चुका है कि एसोसिएशनों की लड़ाई खत्म होने तक मान्यता नहीं मिलेगी, लेकिन कोई भी पक्ष झुकने को तैयार नहीं है।
उत्तराखंड मूल के क्रिकेटरों के प्रदर्शन पर एक नजर
रॉबिन बिष्ट- मूल रूप से पौड़ी निवासी रॉबिन बिष्ट वर्तमान में दिल्ली में रहते हैं और राजस्थान रणजी टीम के सदस्य हैं। मौजूदा रणजी सत्र में रॉबिन 6 मैचों में 559 रन बना चुके हैं।
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सर्विसेज के खिलाफ 134 रन की पारी के साथ ही वे 4 अर्द्धशतक लगा चुके हैं। जबकि प्रथम श्रेणी के 55 मैचों में रॉबिन 8 शतक और 22 अर्द्धशतकों की मदद से 3847 रन बना चुके हैं।
मनीष पांडे- कर्नाटक रणजी टीम के बल्लेबाज मनीष पांडे मूल रूप से बागेश्वर जिले के निवासी हैं। रणजी सत्र 2013-14 में मनीष 5 मैचों में एक शतक और दो अर्धशतकों की मदद से 294 रन बना चुके हैं।
कैरियर के 50 प्रथम श्रेणी मैचों में 11 शतक और 18 अर्द्धशतक लगाकर मनीष कुल 3639 रन बटोर चुके हैं। ओडीसा के खिलाफ मनीष ने 132 रन की शानदार पारी खेली है।
उन्मुक्त चंद- पिथौरागढ़ के खड़कू भल्या गांव के मूल निवासी उन्मुक्त चंद दिल्ली रणजी टीम के सलामी बल्लेबाज हैं। मौजूदा रणजी सत्र में वे मुंबई के खिलाफ नाबाद 106 रन की शानदार पारी खेल चुके हैं, जबकि 4 मैचों में उनके बल्ले से 176 रन निकले हैं। वहीं प्रथम श्रेणी के 29 मैचों में अभी तक उन्मुक्त 1596 रन बना चुके हैं।
चेतन बिष्ट- रॉबिन बिष्ट के भाई और राजस्थान रणजी टीम के सदस्य चेतन ने 2013-14 में रणजी में पदार्पण किया है। अभी तक खेले 3 मैचों में वे 72 रन बना चुके हैं। इसमें उत्तर प्रदेश के खिलाफ खेली 61 रन की पारी सर्वश्रेष्ठ है।
पुनीत बिष्ट- पौड़ी जिले के निवासी पुनीत दिल्ली के विकेटकीपर बल्लेबाज हैं। रणजी सत्र में वे 3 मैचों में सिर्फ 52 रन ही बना सके हैं। मगर विकेट के पीछे 14 कैच लपक चुके हैं। अपने कैरियर में पुनीत 56 मैचों में 1988 रन बनाने के साथ ही 188 कैच पकड़ चुके हैं।
पवन सुयाल- पौड़ी के बीरोंखाल निवासी पवन दिल्ली के प्रमुख गेंदबाज हैं। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज पवन ने मौजूदा सत्र में 2 मैच खेले हैं, जिसमें 5 विकेट वे झटक चुके हैं। जबकि प्रथम श्रेणी के 15 मैचों में पवन 55 विकेट ले चुके हैं।
