
उत्तरकाशी। आपदा के दौरान जान जोखिम में डालकर गंगोत्री हाईवे पर यातायात बहाल करने वाले बीआरओ के मजदूरों को तीन माह से मानदेय नहीं मिला। इससे गुस्साए मजदूरों ने काम बंद कर बीआरओ कमांडर कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर भुगतान की मांग उठाई। वहीं काम बंद होने से गंगोत्री हाईवे को दुरुस्त करने के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
बाहरी राज्यों से यहां आकर महज छह हजार रुपये मासिक मजदूरी पाने वाले बीआरओ के मजदूरों को तीन माह से मानदेय नहीं मिला है। बार-बार मांग करने पर भी भुगतान न होने से गुस्साए मजदूरों ने बुधवार को काम बंद कर बीआरओ कमांडर कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। मजदूरों के मेट सेन चंद्र मंडल, गोपाल सिंह, दिलबहादुर और रघुवीर सिंह आदि ने बताया कि तीन माह से मजदूरी नहीं मिली है। खुद के और बच्चों के खाने के लाले पड़ गए हैं। दुकानदारों ने उधार देना भी बंद कर दिया है। इस हाल में काम कर पाना मुश्किल है। मजदूरों ने मानदेय भुगतान होने तक काम न करने की चेतावनी दी।
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एकाउंट ऑफिस दिल्ली की ओर से बेवजह आपत्तियां लगाए जाने की वजह से करीब 500 मजदूरों का भुगतान रुका हुआ है। पैसा नहीं मिलेगा तो मजदूर काम भी कैसे करेंगे? उच्चाधिकारियों को इससे अवगत करा दिया गया है। – चंद्रशेखर, कमांडर बीआरओ टास्क फोर्स।
