
धर्मशाला। मुख्य सचिव पी मित्रा ने वीरवार को एनआईसी केंद्र शिमला से वीडियो कांफ्रेंस के जरिये जिलों के सभी उपायुक्तों से प्रदेश में आवश्यक खाद्य वस्तुओं की उपलब्धता एवं स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने भू-राजस्व अधिनियम की धारा 118 एवं 163 से जुडे़ विभिन्न मामलों पर चर्चा की। उन्होंने जिलाधीशों को इन मामलों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए। मित्रा ने कहा कि जिलाधीशों को उचित मूल्य की दुकानों में सभी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करवानी होगी, ताकि उपभोक्ताओं को बार-बार चक्कर न काटने पड़े़ं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में पंजीकृत होने वाले नए लाभार्थियों के लिए प्रक्रिया आरंभ होने वाली है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस पर ध्यान देना होगा। जलजनित रोगाें की रोकथाम के लिए हरसंभव प्रयास करने होंगे। जननी सुरक्षा योजना को और प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को आवश्यक दवाइयों और स्टॉफ की उपलब्धता 24 घंटे सुनिश्चित करनी होगी। रेवन्यू एक्ट की धारा 118 और 163 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी जिलाधीशों को गंभीर प्रयास करने चाहिए। अतिक्रमण के मामलों को दिन-प्रतिदिन के आधार पर निपटाना होगा। उन्होंने ग्राम सभाओं की बैठकों, ग्रामीण विभाग से जुड़े अन्य मुद्दों, आवास निर्माण तथा अन्य निर्माण कार्यों पर चर्चा की। वीडियो कांफ्रेंसिग के दौरान एक प्रश्न का जवाब देते हुए जिलाधीश सी पालरासू ने कहा कि जिले में उचित मूल्य की दुकानों में खाद्य वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करवाने के लिए खाद्य विभाग के अधिकारियों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। वह खुद भी निगरानी कर रहे हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग में एडीसी रोहन चंद ठाकुर, एडीएम राकेश शर्मा सहित कई विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।
