शिलाई रा बेजाए विकास किया वीरभदरे’

सतौन (सिरमौर)। वीरभद्र सिंह छठीं बार मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार जब बुधवार को शिलाई पहुंचे तो नाया गांव के 70 वर्षीय लाल सिंह हरी टोपी पहनकर सुबह आठ बजे ही जनसभा स्थल पहुंए गए और बोले ‘भाई शिलाई रा बेजाए विकास किया वीरभदरे’। लाल सिंह की तरह दर्जनों ग्रामीण बुजुर्ग वीरभद्र सिंह के भाषण सुनने के लिए मौके पर पहुंच गए थे। इस दौरान वीरभद्र सिंह ने जैसे ही कहा कि उनका और शिलाई का चोली दामन का साथ है तो लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका अभिनंदन किया। वीरभद्र सिंह ने मजाकिया लेहजे में कहा कि विधानसभा चुनाव में जो युवा अपना रास्ता भटक गए थे वह दोबारा कांग्रेस सरकार की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। इसके लिए 100 रुपये की लागत से कौशल विकास भत्ता योजना उनकी सरकार ने शुरू की है, जिममें 16 वर्ष का आठवीं पास युवा भी किसी भी सरकारी एवं निजी संस्थान में अपनी इच्छा अनुसार प्रशिक्षण ले सकता है। उन्होंने युवाओं से पूछा कि क्या यह योजना उनके लिए लाभकारी नहीं है तो कई युवाओं ने हाथ से हां का इशारा किया। इस पर सीएम मुस्करा पड़े। वीरभद्र सिंह की स्वागत रैली एवं जनसभा में हरी टोपी खूब छाई। जहां तक नजर जा रही थी, वहां पर हरी टोपी वाले बुजुर्ग से लेकर युवा वीरभद्र सिंह जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे।
कई युवा जो कभी टोपी नहीं पहनते हैं उन्होंने भी खुद को कांग्रेसी साबित करने के लिए हरी टोपी पहन रखी थी। वीरभद्र सिंह ने पूर्व विधायक हर्षवधन चौहान की हार पर उनको दुख होने का जैसे ही जिक्र किया तो जनसभा में सन्नाटा पसर गया। उन्होंने युवाओं से इसे भूल समझकर लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का साथ देने का आह्वान किया। वीरभद्र सिंह को सुनने के लिए पांवटा, रेणुका एवं पच्छाद से भी कई कांग्रेस नेता पहुंचे हुए थे।

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