
करसोग (मंडी)। उपमंडल मुख्यालय करसोग से करीब आठ किलोमीटर दूर कामाक्षा में शरारती तत्वों ने इमला खड्ड के ऊपर बने लकड़ी के पैदल पुल को आग लगा दी। यह पुल करीब 30 साल पुराना था। आग लगने से पुल का कुछ हिस्सा जल कर क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे अब पुल पैदल चलने योग्य नहीं रहा है। करसोग पुलिस थाना में शरारती तत्वों के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
बुधवार तड़के पैदल पुल पर आग लगने का पता चलते ही आसपास के लोगों कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाई। पुल लोगों के चलने योग्य नहीं बचा। इस पुल से भनेरा, मैंढी, माहूंनाग, लालग, मसोग और परलोग गांवों के हजारों लोग आते-जाते थे। आग से पुल को हुए नुकसान से लोगों को अब इमला खड्ड पार करने में खासी परेशानी होगी।
पंचायत भनेरा के प्रधान मेहर सिंह ने बताया कि स्थानीय लोगाें के प्रयास से आग पर तो काबू पा लिया है। पहले से खस्ता हालात में जर्जर पुल अब चलने योग्य नहीं रहा है। बताया कि इस पुल से दर्जनों गांवों के हजारों लोग आते जाते थे। अब लोगों के पास आने जाने का कोई साधन नहीं है। सूचना मिलते ही एसडीएम विवेक चौहान ने मौके पर पहुंच कर जायजा लिया। उन्होंने लोनिवि के अधिकारियों को आग से हुए का नुकसान पता लगाने और पुल के नीचे से अस्थाई रास्ता निकालने के निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग के एसडीओ बलवीर सिंह ने बताया कि लकड़ी से बना पुल आग लगने से पैदल चलने योग्य नहीं रहा। यह पुल करीब 30 साल पुराना था। लोगों को चलने के लिए पुल के नीचे से रास्ता निकाला जा रहा है। करसोग पुलिस थाना प्रभारी राजेश शर्मा ने बताया कि स्थानीय लोगों की शिकायत पर पुलिस छानबीन कर रही है।
