
मैकलोेेडगंज। तिब्बती महिला संस्था ने संयुक्त राष्ट्र से तिब्बत में मानवाधिकारों से वंचित तिब्बतियों की वास्तविकता से रूबरू होने का आग्रह किया है। संस्था की प्रेस अधिकारी तेंजिन डिकई ने बताया की विश्व मानवाधिकार दिवस पर तिब्बती महिला संस्था के प्रतिनिधियों ने संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार संबंधी उच्च आयुक्त को अपील पत्र भेजकर तिब्बत में महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों के बारे में जानकारी जुटाने की गुहार लगाई हैं। 12 से 19 दिसंबर के बीच संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञाें का एक समूह चीन में अपनी पहली यात्रा के दौरान तिब्बत में महिलाओं की सुरक्षा और उनके मानवाधिकारों को बढ़ावा देने संबंधी तथ्य जुटाएगा। संस्था ने संयुक्त राष्ट्र में महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों पर बने कानून पर कार्य कर रही फ्रांसिस राडे को भेजे अपने अपील पत्र में स्पष्ट किया है कि संयुक्त राष्ट्र चीनी सरकार पर दबाव डालकर महिला कानून में फेरबदल करके तिब्बत की महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके मानवाधिकारों को बढ़ावा देने के लिए प्रयास करें। चीन एवं संयुक्त राष्ट्र मिलकर तिब्बत की महिलाओं को उनकी धार्मिक और राजनीतिक स्वतंत्रता, शिक्षा, न्याय, स्वास्थ्य सुविधाएं, परिवार नियोजन और बेरोजगारी जैसे क्षेत्रों में महिलाओं को बराबरी का दर्जा दिलवाएं।
