
उत्तरकाशी। गंगोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव उत्तरकाशी में बरसों से बस अड्डा निर्माण की मांग चल रही है, लेकिन परिणाम सिफर है। बस अड्डा न बनने से वाहन सड़कों पर आड़े-तरछे खड़े हो रहे हैं। इससे न केवल जाम लग रहा है, बल्कि पैदल चलने वाले राहगीराें को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तरकाशी में वाहनों की तादाद तो बढ़ती जा रही है, लेकिन इन्हें पार्क करने लिए आज तक स्थायी बस अड्डे का निर्माण नहीं हो पाया है। नगरवासी बरसों से शासन-प्रशासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से अड्डा निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। हालांकि प्रशासन की ओर से कुछ बरसों पूर्व मुख्य बाजार के पास वरुणावत की तलहटी पर समतलीकरण कर कुछ वाहनों के पार्किंग की जगह बनाई गई। इसके बावजूद शहर की यातायात व्यवस्था में कोई सुधार नहीं आया। वाहनों की पार्किंग के लिए समुचित व्यवस्था न होने से वाहन चालक वाहनों को गंगोत्री राजमार्ग के साथ ही नगर की सड़कों पर आड़ा-तिरछा खड़ा कर रहे हैं, जिस कारण हर रोज जाम लग जाता है। यात्राकाल के दौरान यह समस्या और अधिक बढ़ जाती है।
ज्ञानसू में भी नहीं बन पाया
लोनिवि की ओर से ज्ञानसू में बैराज जलाशय के किनारे बस अड्डे के लिए भूमि चयनित की गई थी। इसका निर्माण कार्य भी शुरू हो गया था, लेकिन इस जमीन के पाडुली खाले के मुहाने पर होने के कारण प्रशासन ने इसका निर्माण रोककर इसे निरस्त कर दिया था।
नगर में स्थायी बस अड्डे का निर्माण जरूरी है। बस अड्डा न होने से जाम की समस्या हो रही है, जिससे व्यापारियों के व्यवसाय पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। – सुभाष बडोनी, जिलाध्यक्ष उद्योग व्यापार मंडल।
यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए बस अड्डे का निर्माण जरूरी है। अभी हाल ही में अगले यात्राकाल की तैयारी को लेकर हुई बैठक में भी बस अड्डे निर्माण पर चर्चा की गई। बस अड्डे के लिए भूमि का चयन किया जा रहा है। इसके बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा। – केके सिंह, एसडीएम भटवाड़ी।
