
रुड़की। घोषित गन्ना मूल्य पर किसान गुस्से में हैं। मंगलौर में हाईवे जाम करने के साथ ही लक्सर में किसानों ने तालाबंदी कर गन्ना समिति के विशेष सचिव को कई घंटे बंधक बनाए रखा। रुड़की एसडीएम कार्यालय पर बेमियादी धरने पर बैठे किसानों ने भी गन्ने की होली जलाकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। किसानों ने दो टूक कहा कि घोषित मूल्य (285 रुपये प्रति क्विंटल) किसी कीमत पर स्वीकार नहीं होेगा। किसान इस दाम पर गन्ने की आपूर्ति नहीं करेंगे।
यूपी के साथ उत्तराखंड के किसानों ने भी गन्ना मूल्य को लेकर चल रहे आंदोलन को उग्र कर दिया है। बृहस्पतिवार को दिल्ली-देहरादून हाईवे पर मुजफ्फरनगर जिले के फलौदा में जाम के बाद उत्तराखंड के किसानों ने मंगलौर मंडी के पास जाम लगाकर देवबंद की तरफ जाने वाले वाहनों को रोक दिया। घोषित गन्ना मूल्य से नाराज किसानों ने दोपहर करीब एक बजे मंगलौर गुड़मंडी के सामने करीब आधा घंटा जाम लगाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान भाकियू ने 350 रुपये से कम मूल्य पर गन्ना न देने का ऐलान किया।
भाकियू नेता रवि कुमार और संजय चौधरी ने कहा कि हरियाणा में भी कांग्रेस की सरकार है। वहां किसानों को 305 रुपये का भाव मिल रहा है तो उत्तराखंड में यह भाव क्यों नहीं दिया जा रहा है। आधा घंटा जाम लगाने के बाद भाकियू नेताओं ने जनहित का हवाला देते हुए जाम खोल दिया। इस दौरान महेंद्र सिंह, विजय शास्त्री, वीरेंद्र सिंह, ओम प्रकाश, रोहित, जावेद, इकबाल आदि मौजूद थे।
उधर, लक्सर में गुस्साए किसानों ने गन्ना विकास समिति के कार्यालय पर प्रदर्शन किया। किसानों ने समिति कार्यालय में विशेष सचिव प्रीतम सिंह के कमरे में ताला लगाकर उन्हें बंधक बना लिया। किसान नेता जयपाल सिंह ने कहा कि किसान गन्ने का भुगतान एक मुश्त लेंगे। बाद में किसानों ने एसडीएम उत्तम सिंह चौहान को ज्ञापन देने के बाद उन्हें रिहा किया। ज्ञापन देने वालों में चंद्रशेखर, जगमेर सिंह, चंद्रपाल, कुशलपाल, चरण सिंह, महिपाल और श्यामपाल समेत अन्य लोग थे।
किसानों ने जलाई गन्ने की होली
रुड़की में आंदोलनरत किसानों ने गन्ने की होली जलाकर विरोध-प्रदर्शन किया। एसडीएम कार्यालय के बाहर किसान तीसरे दिन भी धरने पर डटे रहे। किसानों का आरोप था कि सरकार ने चीनी मिल मालिकों के सामने घुटने टेक दिए हैं। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने के बाद सही दाम नहीं मिल रहे हैं। उत्तराखंड किसान मोर्चा के वेदू बाबा, महकार सिंह, आजम, जाकिर, शफीक अहमद, सुरेंद्र लंबरदार, अनिल सैनी, धर्मेंद्र, वीरेंद्र सैनी, करेशन सैनी, फुरकान, शेर सिंह, समय सिंह, विश्वास कुमार, बालचंद सैनी, डा विनोद प्रजापति, ताहिर, नूर हसन, राजेश्वर त्यागी आदि धरने में शामिल रहे।
