
दो दवा कंपनियों के लाइसेंस रद्द
बद्दी (सोलन)। राज्य दवा प्राधिकरण ने बद्दी की मोंटेंक बॉयोफार्मा तथा बरोटीवाला स्थित एमबीपी दवा कंपनी के लाइसेंस को रद्द कर दिया है। दोनों कंपनियां अब सुडोएफड्राइन तथा एफड्राइन रसायन से तैयार होने वाली दवा को नहीं बना सकेंगे, यानि इसकी बिक्री और सप्लाई भी नहीं कर पाएंगे।
15 अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर जगदीश भोला की गिरफ्तारी के बाद पटियाला पुलिस ने बद्दी के भटोला कलां स्थित मोंटेंक बॉयो फार्मा कंपनी के स्टोर के भीतर छह सौ करोड़ रुपये का रसायन बरामद किया था। दवा फैक्टरी के मालिक की निशानदेही पर यह रसायन पकड़ा गया था।
रसायन मिलने के बाद राज्य दवा प्राधिकरण ने कंपनी का रिकार्ड चेक किया। प्राधिकरण ने कंपनी के 78 सैंपल लिए। हालांकि, अभी तक सैंपल का परिणाम नहीं आया है, लेकिन प्राधिकरण ने रिकार्ड में खामियां पाए जाने पर कंपनी को सुडोएफड्राइन तथा एफड्राइन रसायन से तैयार होने वाली सभी दवाइयों के निर्माण, बिक्री तथा वितरण पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। कंपनियों के लाइसेंस भी रद्द कर दिए गए हैं। ड्रग कंट्रोलर नवनीत मरवाह ने पुष्टि करते हुए बताया कि मोटेंक तथा एमबीपी फार्मा कंपनी सुडोएफड्राइन तथा एफड्राइन रसायन से 22 प्रकार की दवाइयां तैयार करती हैं। तत्काल प्रभाव से दोनों कंपनियों से इन दोनों दवाइयों को बनाने का लाइसेंस रद्द कर दिया है। अभी तक सैंपल की रिपोर्ट नहीं आई है।
