
शिमला। हिमाचल में वाहनों के पंजीकरण प्रमाणपत्र की अलग से फाइल रखने की अनिवार्यता नहीं होगी। परिवहन विभाग एक कार्ड आरसी के रूप में जारी करेगा। इसमें एक चिप लगी होगी, जिसमें वाहन और वाहन मालिक का रिकार्ड होगा। इसी तर्ज पर कामर्शियल वाहन मालिकों को टैक्स के लिए अलग से कार्ड जारी किए जाएंगे। इसके आधार पर वह कंप्यूटर पर अपने देय टैक्स जमा कर सकेंगे। इसके भुगतान की आनलाइन सुविधा होगी। विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर सरकार की मंजूरी को भेजा है। सरकार की हरी झंडी के बाद टेंडर आमंत्रित किए जाने हैं।
प्रदेश में नौ लाख से ज्यादा वाहन मालिकों को आरसी सहित अन्य दस्तावेज अलग से नहीं रखने पड़ेंगे। प्रदेश के बड़े शहरों की तर्ज पर हिमाचली भी आरसी को जेब में रख सकेंगे। लाइसेंस को भी प्लास्टिक के कार्ड के रूप में ही बनाए जाने की योजना है। सरकार से मंजूरी के बाद विभाग इसका टेंडर करेगा। इसके बाद नए और पुराने दस्तावेजों को बदलने की प्रक्रिया शुरू की जानी है। कामर्शियल व्हीकल पर कितना टैक्स देय है? इसका पता करने को विभाग के चक्कर नहीं काटने पडे़ंगे। आनलाइन टैक्स कार्ड की मदद से मालिक देय टैक्स की जानकारी ले सकेंगे। इसे जमा भी घर बैठे ही करवाने की सुविधा मिलेगी। उधर, प्रदेश परिवहन निगम के निदेशक रितेश चौहान ने बताया कि वाहन मालिकों को सुविधा देने के लिए प्रोजेक्ट तैयार किया है। इसे सरकार की मंजूरी के बाद लागू किया जाना है।
