
चंबा। चमेरा चरण तीन के विस्थापित अपनी समस्याओं को लेकर तहसीलदार चंबा मनोज कुमार से मिले। उन्हाेंने तहसीलदार से मकानों का सही माप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुआवजे के लिए मकान व दुकान का जो पलिंथ एरिया दर्शाया जा रहा है, वह ग्राउंड फ्लोर का है। दूसरी मंजिल के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। उन्होंने पूरी जानकारी देने की मांग की है। विस्थापित संघ के अध्यक्ष रोहित व सचिव रमेश ने कहा कि साइट डिवेल्पमेंट व पलिंथ के नीचे फाउंडेशन के कार्य में कितनी क्वांटिटी लगी है, इसके बारे में परियोजना प्रभावितों को बताया जाए। इसके अलावा विस्थापितों को मकान बनाने के लिए एनएचपीसी की ओर से भूमि कहां चयनित की गई है व उसके निर्माण पर कितनी राशि खर्च की जाएगी, इसकी जानकारी भी प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि जो दुकानदार बेरोजगार हुए हैं उन्हें नौ अप्रैल, 2012 से लेकर अब तक के आर्थिक नुकसान का मुआवजा दिया जाए। साथ ही उन्हें पहले की तरह दुकानें दी जाएं। उन्होंने कहा कि एनएचपीसी के कार्य में लगे विस्थापितों के वाहनों को काम नहीं दिया जा रहा है और पंजाब तथा नूरपुर से गाड़ियां मंगवाई जा रही हैं। उन्होंने विस्थापितों के वाहनों को काम पर रखने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय में विस्थापितों के संबंध में जो भी बैठक होती है, उसमें विस्थापित संघ के पदाधिकारियों को बुलाया जाए। इस दौरान ललित ठाकुर, हर्ष कु मार, काहन सिंह, अशोक कुमार, देस राज, महिंद्र, रमेश कुमार, जगदीश और नरेश कुमार मौजूद रहे।
