
रामपुर बुशहर। मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में लोगों को सस्ता राशन समय पर नसीब नहीं हो रहा है। यहां करीब दो माह से लोगों को चीनी नहीं मिली तो वहीं तेल और चावल भी कई उपभोक्ताओं को नहीं मिल पाए हैं। ऐसे में राशन के लिए लोगों को बाजार का रुख करना पड़ रहा है। इससे सबसे अधिक नुकसान बीपीएल परिवारों को उठाना पड़ रहा है। अगर राशन आपूर्ति का हाल सीएम के गृहक्षेत्र में ही ऐसा है तो अन्य क्षेत्रों में स्थिति क्या होगी, इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
रामपुर में सस्ते राशन की आपूर्ति में ढील लंबे समय से बरती जा रही है। हर माह आपूर्ति में देरी के चलते डिपुओं में कभी चावल, कभी चीनी, तो कभी तेल उपलब्ध नहीं होता। ग्रामीण क्षेत्रों में ही नहीं शहर के डिपुओं का भी हाल बुरा है। रामपुर मुख्य शहर की ही बात करें, तो यहां कइयों को दो से तीन माह से चीनी नसीब नहीं हो पाई है। वहीं कई लोगों को तेल तो कुछेक को चावल नहीं मिले हैं। ग्रामीण क्षेत्रों दरकाली, काशापाट, मुनिश, पंद्रह बीस जैसे क्षेत्रों में भी स्थिति ठीक नहीं है। डिपुओं में समय पर राशन न मिलने से सरकार की लोगों को घर द्वार पर सस्ता राशन देने की योजना फ्लाप साबित हो रही है। लोगों को राशन बाजार से महंगे दाम पर खरीदना पड़ रहा है। खाद्य आपूर्ति निगम की लापरवाही का सबसे अधिक खामियाजा बीपीएल परिवार भुगत रहे हैं। भाजपा मंडल के अध्यक्ष विजय बिष्ट, पार्षद विनय शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार राशन आपूर्ति मामले में पूरी तरह से फ्लाप साबित हो रही है। हर माह लोगों को किसी ने किसी खाद्य वस्तुओं का संकट झेलना पड़ता है। उन्होंने आपूर्ति में सुधार लाने की मांग की है।
खाद्य आपूर्ति निरीक्षक अरविंद पदम ने माना कि राशन आपूर्ति में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि चावल का कुछ स्टाक आ गया है और अन्य खाद्य वस्तुओं की खेप भी शीघ्र यहां पहुंच जाएगी।
