जमीन का विवाद बना खूनी होली

बरमाणा (बिलासपुर)। बरमाणा के लघट गांव में पिछले सप्ताह जमीन को लेकर हुआ विवाद इस हद तक पहुंच जाएगा, यह किसी ने नहीं सोचा था। सोमवार को करीब आधा दर्जन युवक दिनदहाड़े दो भाइयों पर तेजधार हथियाराें व डंडाें से वार करते रहे। हमले के बाद हमलावर फिल्मी अंदाज में वहां से फरार हो गए। इसके बाद ही लोग सड़कों पर उतरे। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने के साथ ही लोगों ने मुख्य आरोपी को जमानत पर रिहा कराने वाले हिलोपा के एक नेता को जमकर कोसा।
वीरवार को लघट निवासी नंदलाल का अपने भतीजे विपन के साथ जमीन का विवाद हुआ था। उस दौरान पंजगाईं निवासी अनिल पिंटू व उसके साथी विपन की ओर से विवाद में कूद पड़े थे। मौके पर मौजूद पंचायत प्रतिनिधियों व पुलिस कर्मियों के साथ भी उन्होंने दुर्व्यवहार किया। इस पर पुलिस ने पिंटू व विपन को गिरफ्तार कर लिया था। गत शुक्रवार को दोनों को अदालत से जमानत मिल गई थी। उन्हें जमानत दिलाने में पंजगाईं से ही ताल्लुक रखने वाले हिलोपा के एक नेता की अहम भूमिका रही थी। उक्त नेता की अगुवाई में ही दोनों आरोपियों ने एएसपी से मुलाकात कर बरमाणा पुलिस पर उनके साथ बर्बरतापूर्ण ढंग से मारपीट करने का आरोप लगाया था। सोमवार को पिंटू व उसके साथियाें द्वारा नंदलाल व उनके भाई कुलदीप पर किए गए जानलेवा हमले को बदले की नजर से देखा जा रहा है।
सोमवार को घटना के बाद सड़कों पर उतरे ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के साथ ही हिलोपा नेता के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि थाने से एक-डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर आधे घंटे तक खून की होली खेली जाती रही, लेकिन सूचना देने के बावजूद पुलिस समय पर नहीं पहुंची। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कई गंभीर आपराधिक मामलों के आरोपी को उक्त नेता शह दे रहा है।
उधर, एसीसी गागल सीमेंट कर्मचारी संघ के महासचिव एसपी कौशल का कहना है कि संगठन के उपाध्यक्ष नंदलाल पर हुए जानलेवा हमले की नींव गत 18 नवंबर को जनरल हाउस के समय ही पड़ गई थी। उस दिन भी उक्त गुंडा तत्वों पदाधिकारियों व कर्मचारियों से मारपीट करने का प्रयास किया था।

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