सरकारी दवाइयों की सप्लाई में गोलमाल

धर्मशाला। जन औषधि केंद्र धर्मशाला से सरकारी दवाइयों की सप्लाई में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। इसका खुलासा धर्मशाला जेल प्रशासन ने किया है। जेल प्रशासन ने जन औषधि केंद्र को जेल में दवाइयों की आपूर्ति के लिए डिमांड दी थी। इस दौरान एसएमओ कार्यालय से दवाइयां जन औषधि केंद्र से मुहैया करवाने को कहा गया। केंद्र से सरकारी दवाइयों की सप्लाई से ही दवाइयां जेल को भेजी गईं, इन पर नॉट फॉर सेल भी लिखा गया है, लेकिन संबंधित केंद्र ने इस का बिल जेल प्रशासन को थमा दिया। इसके बाद जेल प्रशासन ने सीएमओ को इंक्वायरी करने को लिखा है। सूत्रों के मुताबिक जेल प्रशासन ने हजारों रुपये की दवाइयों की डिमांड दी थी। जन औषधि केंद्र की ओर से भेजी गई सप्लाई के साथ इसका बिल भी अटैच कर दिया गया, लेकिन जब जेल प्रशासन ने दवाइयों की जांच की तो इस पर हिमाचल प्रदेश गवर्नमेंट सप्लाई नॉट फार सेल अंकित था। अंदेशा जताया जा रहा है कि जिला भर में कई पीएचसी और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भी इस तरह सरकारी सप्लाई की दवाइयां बेची जा रही हैं। उधर, सरकारी दवाइयों को बेचने का मामला सीएमओ के पास भी पहुंच चुका है। सीएमओ ने एसएमओ को जांच करने के आदेश दिए हैं। उधर, सीएमओ डा. ध्रुव एस. गुरुंग ने बताया कि जेल प्रशासन की ओर से शिकायत उन्हें मिली है। सरकारी दवाइयाें को बेचने के मामले में निष्पक्ष जांच के आदेश एसएमओ को दिए गए हैं।

इनसेट….
बैच नंबर से लगाया जाएगा पता
केंद्र से सरकारी दवाइयों की सप्लाई को लेकर स्वास्थ्य विभाग दवाइयां का बैच नंबर चेक करेगा। इससे पता लगाया जाएगा कि सप्लाई किस अस्पताल की है। हेराफेरी सामने आने पर केंद्र के कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। नियमानुसार सरकार के निर्देश हैं कि पहले जन औषधि केंद्र से दवाइयां सप्लाई की जाएंगी, अगर यहां दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं तो सिविल सप्लाई कार्पोरेशन के जरिए दवाइयों की आपूर्ति की जाती है। सिविल सप्लाई में दवाइयां उपलब्ध न होने पर संबंधित केंद्र ओपन मार्केट से दवाइयों की खरीद कर सकता है।

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