टांडा में एम्स स्तरीय चिकित्सक देंगे सेवाएं

कांगड़ा। परिवहन, खाद्य और तकनीकी शिक्षा मंत्री जीएस बाली ने कहा कि उपचार के दौरान किसी भी मरीज के साथ लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चिकित्सकों को अपनी पूरी क्षमता और ईमानदारी के साथ रोगियों का उपचार करना चाहिए। डा. राजेंद्र प्रसाद आयुर्विज्ञान संस्थान टांडा में हिम गायनोकॉन की ओर से प्रसव कला एवं स्त्री रोग उपचार विषय पर आयोजित कार्यशाला के शुभारंभ पर जीएस बाली ने चिकित्सकाें को संबोधित करते हुए कहा कि शीघ्र ही टांडा में एम्स जैसे उत्कृष्ट चिकित्सा संस्थाओं के विशेषज्ञ चिकित्सकाें की सेवाएं मुहैया करवाई जाएंगी। राष्ट्रीय ग्रामीण मिशन के तहत प्रदेश के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में निशुल्क सुरक्षित प्रसव सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। जननी सुरक्षा योजना के तहत माता और नवजात शिशु को अस्पताल से घर तक मुफ्त यात्रा सुविधा मुहैया की जा रही है। प्रधानाचार्य डा. अनिल चौहान ने कहा कि संस्थान में करीब सात हजार प्रसव और दो हजार सीजेरियन के मामलों को सफलता से निपटाया गया है और यह प्रदेश के अन्य संस्थानों की तुलना में सर्वाधिक है। कार्यक्रम की आयोजन सचिव डा. सीता ठाकुर ने कार्यशाला में चर्चा किए जाने वाले विषयों की जानकारी दी। स्त्री रोग विभाग प्रमुख डा. सुरेश वर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। कार्यशाला में चिकित्सा शिक्षा की पूर्व निदेशक डा. रितु सरीन, कमला नेहरू चिकित्सालय शिमला के स्त्री रोग विभाग प्रमुख डा. संतोष मिन्हास, प्रोफेसर डा. अनिता पाल, गुरु तेग बहादुर अस्पताल नई दिल्ली के डा. किरण गुलेरिया तथा मेडिकल कालेज सोनीपत हरियाणा के प्रोफेसर एवं प्रमुख डा. राजीव महेंद्रू ने प्रसव कला एवं स्त्री रोग उपचार विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।

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